बुलंद गोंदिया। खाड़ी युद्ध की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत रसोई गैस के कमी को देखते हुए प्रत्येक परिवार को 3 लीटर केरोसिन तेल देने का आदेश जारी किया है।
गौरतलब है की महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना व अन्य योजनाओं के द्वारा एलपीजी गैस कनेक्शन बड़े पैमाने पर वितरित किए गए थे जिसके अनुसार गैस कनेक्शन प्राप्त परिवार को केरोसिन वितरण न करने का मुंबई उच्च न्यायालय नागपूर खंडपीठ में दाखिल जनहित याचिका के निर्णय में दिया गया था जिसके चलते संपूर्ण राज्य में केरोसिन का वितरण मर्यादित सीमा में किया गया था।
लेकिन वर्तमान में अमेरिका – ईरान (खाड़ी युद्ध) के चलते रसोई गैस एलपीजी की कमी को देखते हुए केंद्र शासन द्वारा 12 मार्च को जारी किए गए आदेश के अनुसार राज्य में 3744 किलोमीटर केरोसिन तेल मंजूर किया है जिसमें एलजी के पर्याय ईंधन के रूप में आकस्मिक रूप से किया जाएगा इस आदेश के तहत राशन कार्ड धारक प्रत्येक परिवार को तीन लीटर केरोसिन तेल दिया जाएगा।
जिसमें एएवाय वह पीएचएच राशन कार्ड धारको प्राथमिकता दी जाएंगी तथा जिन परिवार के पास राशन कार्ड नहीं है वह परिवार केरोसिन की उपलब्धता के अनुसार वितरण हेतु पत्र रहेंगे इसके लिए उन्हें ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय का निवासी प्रमाण पत्र देना होगा।
केरोसिन का वितरण राशन दुकानों वह चिल्लर केरोसिन लाइसेंस धारक द्वारा किया जाएगा तथा जिन ग्रामों में केरोसिन विक्रेता उपलब्ध नहीं है उन ग्रामों में पास के ग्राम के केरोसिन विक्रेता द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा।
केरोसिन की काला बाजारी तथा गैर वापस पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर संयुक्त निरीक्षण पथकका का निर्माण किया गया जिसमें तहसीलदार, आपूर्ति अधिकारी, पुलिस निरीक्षक शामिल होंगे।
जिलाधिकारी द्वारा केरोसिन का उपयोग पेट्रोल, डीजल में मिलावट करने के लिए ना हो इस पर जिला अधिकारी द्वारा नजर रखी जाएंगी ,
अनाधिकृत बिक्री अथवा गैर उपयोग पाए जाने पर संबंधित आरोपी के खिलाफ जीवनाशक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
उपरोक्त आदेश अन्न नागरिक आपूर्ति वह ग्राहक संरक्षण विभाग द्वारा 25 मार्च को जारी किया गया है।






