बुलंद गोंदिया। मुंबई हावड़ा रेलवे लाइन पर तीसरी लाइन का कार्य करने वाली पीवीआर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा गोंदिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से हजारों ब्रास गौण खनिज मुरुम का अवैध रूप से उत्खनन कर वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही शासन का करोड़ों रुपए के राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं जिस पर गोंदिया वन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए एक पोकलेंड मशीन वह टिप्पर जप्त किया।
गौरतलब है की गोंदिया जिले में विकास के अनेक कार्य शुरू है लेकिन विकास के कार्यों के नाम पर काम करने वाली कंपनियों द्वारा विनाश भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आंखें बंद कर उन्हें मौन रूप से सहमति दी जा रही है।
कहीं मार्ग निर्माण के नाम पर हजारों पेड़ो को कत्ल किया जाता है तो वहीं कहीं बिना मंजूरी के अवैध रूप से गौण खनिज का उत्खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ शासन के राजस्व को भी हानि पहुंचाई जा रही है।
इसी प्रकार का एक मामला गोंदिया वन परिक्षेत्र विभाग के अंतर्गत आने वाले ग्राम दतोरा संरक्षित वन क्षेत्र की भूमि के गट क्रमांक 731से गत अनेक दिनों से मुंबई हावड़ा रेलवे रूट के तीसरी लाइन का कार्य कर रही पीवीआर कंपनी द्वारा वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन कर संरक्षित वन क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करने के साथ ही वन्यजीवों के आधीवास पर संकट निर्माण किया जा रहा है।
इसके साथ ही शासन के राजस्व को भी करोड़ों रुपए का क्षति पहुंचाई जा रही है इसकी जानकारी गोंदिया वन परी क्षेत्र अधिकारी दिलीप कौशिक को प्राप्त होने पर 24मई की रात अवैध उत्खनन क्षेत्र पर पहुंचकर उत्खनन कर रही एक पोकलेन मशीन व टिप्पर को जप्त किया।
वन विभाग की कार्रवाई होते ही घटना स्थल से दो टिप्पर चालक अपना टिप्पर लेकर फरार हो गए तथाजप्त किए गए टिपर चालक भी अपने वाहन छोड़कर फरार हो गए जिस पर वन परी क्षेत्र अधिकारी द्वारा पोकलैंड को घटनास्थल पर छोड़कर दो वन कर्मचारी को तैनात किया है वहीं एक टिप्पर क्रमांक एम 31 एफसी 7890 को जप्त कर गोंदिया वन विभाग में लाया गया है।
इस मामले में पीवीआर कंपनी के संबंधित अधिकारियों को भी कारण बताओं नोटिस जारी कर इसका खुलासा करने को कहा गया है साथ ही इस अवैध उत्खनन पर वन विभाग द्वारा कड़ा रूप अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग के कुछ अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा अवैध उत्खनन
गोंदिया जिले के संरक्षित वन क्षेत्र में कुछ वन अधिकारियों के संरक्षण में अवैध रूप से उत्खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस मामले में भी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र सहायक वह बीट गार्ड की मिली भगत के साथ-साथ कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का भी संरक्षण अवैध उत्खनन करने वालों को प्राप्त है। जिसके लिए संबंधित कंपनी द्वारा इन्हें लाखों रुपए की भेंट चढ़ाई जाती है वह इस प्रकरण में भी प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारियों को कार्रवाई न करने के लिए एक बड़ी राशि का ऑफर दिया गया है।लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी कौशिक द्वारा दबाव में ना आकर कार्रवाई कर पोकलैंड व जेसीबी जप्त कर मामला न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की शुरू की गई है।
नियमानुसार कार्रवाई
संरक्षित वन क्षेत्र में उत्खनन नहीं किया जा सकता लेकिन पीवीआर कंपनी द्वारा अवैध रूप से बड़े पैमाने पर सैकड़ो ब्रास मुरुम का उत्खनन किया गया है इस संदर्भ में वन विभाग के नियमों के अनुसार जांच कार्यवाही की जा रही है।
– दिलीप कौशिक वन परिक्षेत्र अधिकारी गोंदिया।
पीवीआर कंपनी पर इसके पूर्व करोड़ों रुपए का फाइन
पीवीआर कंपनी द्वारा रेलवे लाइन का कार्यगत अनेक वर्षों से किया जा रहा है जिसमें हमेशा से ही बड़े पैमाने पर बिना मंजूरी के अवैध रूप से गौण खनिज का उत्खनन व परिवहन किया जाता है इसके पूर्व भी वर्ष 2019-20 में अवैध उत्खनन के मामले में 11:50 करोड रुपए करीब का जुर्माना गोंदिया राजस्व विभाग द्वारा कंपनी पर लगाया गया है।