काले हिरण का शिकार मध्य प्रदेश में मांस की बिक्री महाराष्ट्र में शिकारी सहित पांच पर गोंदिया वन विभाग की कार्रवाई

बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले से लगे मध्यप्रदेश बालाघाट जिले के बगड़मारा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत काले हिरण का शिकार कर शिकारी द्वारा गोंदिया जिले के सीमावर्ती ग्राम में मांस बिक्री का मामला सामने आने पर गोंदिया वन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए वन्यजीव के शिकारी को हिरासत में लेकर अन्य पांच पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।

गौरतलब है की गोंदिया जिले के साथ-साथ मध्यप्रदेश के वन क्षेत्र में वन्यजीवों का शिकार कर बड़े पैमाने पर उसकी मांस की बिक्री की जाती है। जिसके अनेकों मामले समय-समय पर सामने आते हैं। इसी प्रकार का एक मामला 24 मई को सामने आया जिसमें मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले बगड़मारा वन क्षेत्र में एक काले हिरण का शिकार कर उसके मांस की बिक्री गोंदिया तहसील के सिरपुर, कामठा परिसर में की गई।
इसकी जानकारी गोंदिया वन विभाग के अधिकारियों को प्राप्त होते ही सिरपुर में छापामार कार्रवाई कर दो लोगों को हिरासत में लिया गया इसके पश्चात कामठा के एक ढाबे पर कार्रवाई कर वन्य जीव का पका मांस जप्त किया।
इस मामले में गोंदिया वन विभाग द्वारा जांच के दौरान मध्य प्रदेश बगड़मारा के शिकारी को हिरासत में लेकर मांस की बिक्री खरीदी करने वाले पांच लोगों को पूछताछ के लिए वन विभाग मैं बुलवाया गया है तथा मामले की संपूर्ण जांच होने के पश्चात इन सभी पर वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

200 रु प्रति किलो मांस की बिक्री
वन्यजीव का शिकार कर उनका मांस ₹200 किलो के हिसाब से बिक्री किया गया है। गत अनेक वर्षों से जंगली सूअर व हिरण का शिकार कर मांस की बिक्री किए जाने की भी जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

मध्य प्रदेश वन विभाग की उदासीनता
महाराष्ट्र की सीमा से लगे मध्य प्रदेश बालाघाट जिले में वन क्षेत्र अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें वन्यजीवों का अधिवास बड़ी संख्या में है जिसका लाभ लेते हुए शिकारियों द्वारा अवैध रूप से वन्यजीवों का शिकार कर मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में अनेक वर्षों से मांस की बिक्री की जा रही है। इस मामले में मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा उदासीनता बरते जाने वह शिकारीयो पर किसी भी प्रकार की कड़ी कार्रवाई न करने से वन्य जीवों का शिकार बड़े पैमाने पर हो रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में भी मध्य प्रदेश वन विभाग को जब गोंदिया वन विभाग द्वारा सूचना दी गई तो जांच में समाधान कारक सहयोग नहीं मिल पाया।

मामले की कड़ाई से जांच शुरू
काला हिरण शेड्यूल 1 में आने से इस मामले की जांच एसीएफ स्तर के अधिकारी द्वारा जांच की जाती है इस मामले में गोंदिया के एसीएफ योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच की जा रही है तथा अब तक मध्य प्रदेश के एक शिकारी को हिरासत में लेने के साथ ही अन्य पांच लोगों को जांच के लिए बुलवाया गया है।
एक निजी मकान वह ढाबे से हिरण का मांस बरामद किया गया है।
– दिलीप कौशिक वन परिक्षेत्र अधिकारी वन विभाग गोंदिया।

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