अर्जुनी मोरगांव तहसील में चार दिनों में तीसरी घटना
बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले वनक्षेत्र में वन्यजीवों के हमले की घटना में बढ़ोतरी हो रही है गत चार दिनों में यह तीसरी घटना सामने आई है जिसमें 12मई की सुबह 8:00 बजे के दौरान भरनोली जंगल परिसर में तेंदूपत्ता संकलन के लिए गए मजदूर दीपक रतिराम गावड़े उम्र 40 वर्ष पर भालू ने हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
गौरतलब है की अप्रैल व मई माह में जिले में जंगलों से बड़े पैमाने पर तेंदूपत्ता व अन्य वनउपज का संकलन वन क्षेत्र से लगे ग्रामीणों द्वारा कर अपनी वर्ष भर की आजीविका चलाई जाती है लेकिन संरक्षित वन क्षेत्र से लगे ग्रामों के नागरिक जब वन क्षेत्र में संकलन के लिए जाते हैं तो वन्य जीव वह मानव संघर्ष के मामले बड़े पैमाने पर अब सामने आ रहे हैं।
अर्जुनी मोरगांव तहसील के विभिन्न वन क्षेत्र अंतर्गत चार दिनों में वन्य जीवों के हमले के तीन मामले सामने आ चुके हैं।
तीसरे मामले में मंगलवार 12 मई की सुबह 8:00 के दौरान अर्जुनी मोरगांव के तीरखुरी सहवन क्षेत्र के क्षेत्र 9 नियत क्षेत्र क्रमांक 3 के अंतर्गत आने वाले भरनौली जंगल परिसर में तेंदूपत्ता संकलन के लिए गए दीपक रतिराम गावड़े उम्र 40 वर्ष पर भालू ने हमला कर जख्मी दिया।
जानकारी के अनुसार परिसर में कुछ मजदूर प्रतिदिन के अनुसार सुबह जंगल परिसर में तेंदूपत्ता संकलन के लिए गए थे तथा तेंदू के पत्ते का संकलन करने में व्यस्त थे इसी दौरान झुड़पी में छुपे भालू ने अचानक दीपक पर हमला कर दिया इस हमले में उसकी जांघ वह शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई।
दीपक पर हमला होते देख उसके अन्य साथी मजदूरों द्वारा जोर-जोर से शोर मचाते हुए उसकी मदद के लिए उसकी और दौड़ लगाई भारी शोर के चलते भालू जंगल की दिशा की ओर निकल गया इसके पश्चात दीपक के सहयोगियो के द्वारा उसे जख्मी अवस्था में जंगल से बाहर लाकर केसोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए दाखिल किया चिकित्सा अधिकारि द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक है किंतु स्थिर है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही गोठनगांव वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा करने के पश्चात क्षेत्र में गस्त बडाई। तथा अधिकारियों ने ग्रामीणों से आवाहन किया है कि वह जंगल में अकेले ना जाए तथा सतर्क रहे तथा आसपास में वन्य जीव दिखाई देने पर इसकी जानकारी वन विभाग को दे ।






