विद्युत दर बढ़ोतरी के खिलाफ तहसील कांग्रेस का उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर 12 को मोर्चा

बुलंद गोंदिया। पूरे देश में सबसे महंगी बिजली दल महाराष्ट्र में है लेकिन इसके बावजूद एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस की सरकार द्वारा मई माह से बिजली बिल की दर में और बढ़ोतरी कर नागरिकों को चूना लगाने का काम किया है। जिसके विरोध में तहसील कांग्रेश समिति द्वारा 12 जुलाई बुधवार को उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकालकर इसका विरोध कर निवेदन दिया जाएगा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में देश की सबसे अधिक बिजली दर होने के बावजूद ईडी सरकार द्वारा राज्य में विद्युत दरों को और बड़ा कर आम नागरिकों के जेब पर चूना लगाने का काम किया है। बिजली यूनिट की दर बढ़ाने के साथ-साथ फिक्स टैरिफ भी बढ़ा दिया है तथा औद्योगिक उपयोग के लिए कनेक्शन बढ़ाकर लघु दुकानदारों व घरेलू उपभोक्ताओं पर भारी आघात किया है।
यह सरकार जनता को लूटने का कार्य कर रही है तथा विधायकों को खोखे बाटकर विपक्षी पार्टियों को तोड़ने का कार्य कर रही है। सरकार की इस नीति का विरोध कर कांग्रेश पक्ष द्वारा जनता की समस्या को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने के लिए बुधवार 12 जुलाई की सुबह 11:30 बजे शहीद भोला कांग्रेश भवन से उपविभागीय अधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकालकर धरना आंदोलन कर बिजली बिल बढ़ोतरी के खिलाफ निवेदन देकर कम करने की मांग की जाएंगी।
उपरोक्त आंदोलन मैं अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आव्हान प्रदेश सचिव अमर वराडे, पूर्व प्रदेश सचिव विनोद जैन, प्रदेश सचिव पीजी कटरे, सूर्यप्रकाश भगत, शहर अध्यक्ष जहीर अहमद, सेवादल जिल्हाध्यक्ष राजीव ठकरेले, शहर महासचिव आलोक मोहंती, एनएसयूआई जिल्हाध्यक्ष हरिश तुळसकर, किसान काँग्रेसचे जिल्हाध्यक्ष जितेश राणे, ओबीसी जिल्हाध्यक्ष जितेंद्र कटरे, अल्पसंख्याक जिल्हाध्यक्ष परवेश बॅग, अनुसूचित जिल्हा सचिव विजेंद्र बरोडे, ओबीसी जिल्हा महासचिव जीवन सरनागत, जिल्हा सचिव अजय राहंगडाले, महासचिव रंजीत गणवीर, पूर्व जिल्हा परिषद सभापती रमेश अंबुले, पूर्व पंचायत समिती सभापती चमन बिसेन, महिला तालुकाध्यक्षा अनिताताई मुनेश्वर, सेवा दल कांग्रेस तहसील अध्यक्ष जितेंद्र लिल्हारे, सुरेश चौरागडे, अनिल गौतम, बलजीत सिंग बग्गा, मंथन नंदेश्वर, किर्ति येरणे, श्रीकांत साखरे, नामदेव वैद्य, जितेंद्र खांडेकर, रुपाली ऊके, चित्रा लोखंडे, भरत खापरडे, विष्णु नागरिक, जायद सोलंकी, दलेश नागदवने, नफिश सिद्धीकी, रामेश्वर हरिणखेडे, आनंद लांजेवार, मनिष चौव्हान इत्यादि कार्यकर्ता व पदाधिकारी ने किया।

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