केंद्र के कृषी कानून के विरोध में किसानों का मंगलवार 8 दिसंबर को भारत बंद

राष्ट्रवादी, शिवसेना, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित विभिन्न दलों व राज्य कर्मचारियों का समर्थन
बुलंद गोंदिया। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीन कृषि बिलो के विरोध में दिल्ली की सीमा पर अनेक दिनों से मार्गो पर आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों को केंद्र द्वारा अनेको चर्चाओं के बाद भी अनदेखी की जा रही है। जिसके चलते भारतीय किसान यूनियन द्वारा 8 दिसंबर मंगलवार को भारत बंद का आव्हान किया है। इस बंद में किसान संगठनों द्वारा इस काले कानून को वापस लेने की मांग कर अपने हक व न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उपरोक्त आंदोलन को राज्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस, शिवसेना, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी व राज्य कर्मचारी संघटना द्वारा अपना समर्थन दिया है। इस संदर्भ में राकापा के पूर्व विधायक राजेंद्र जैन ने कहा कि के विरोध में पारित किए गए किसान बिल के खिलाफ किसान इस कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे आंदोलन कर रहे हैं लेकिन केंद्र द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है ।जिसे देखते हुए राष्ट्रवादी द्वारा उपरोक्त बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। शिवसेना के जिला अध्यक्ष मुकेश शिवहरे व जिला समन्वयक पंकज यादव पत्र जारी कर किसानों के इस आंदोलन को समर्थन देते हुए इस आंदोलन में शामिल होने का आव्हान किया। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जितेश राने ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस निरंतर आंदोलन कर रही है। तथा जिलाधिकारी व तहसील अधिकारियों के माध्यम से केंद्र सरकार को निवेदन भी दे चुके हैं। मंगलवार को किसानों के इस भारत बंद के आव्हान को कांग्रेस का समर्थन है। तथा विभिन्न संगठनों के माध्यम से इन कृषि बिलों का विरोध प्रदर्शन करेंगे। राज्य कर्मचारी संघटना के महासचिव विश्वास काटकर ने भी प्रधानमंत्री के नाम पत्र प्रेषित कर किसान विरोधी बिल के विरोध में किसानों द्वारा भारत बंद को महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी संघटना द्वारा अपना समर्थन घोषित किया है। तथा इस आंदोलन में सभी के शामिल होने का आव्हान संघटना के माध्यम से किया गया।

Share Post: