बुलंद गोंदिया। महाराष्ट्र शासन द्वारा शालेय विद्यार्थियों के लिए खेल का आयोजन किया गया है। जिसमें शनिवार 17 दिसंबर को जिला स्तरीय ऑस्टेडू मर्दानी अखाड़ा प्रतियोगिता आयोजित थी। इस दौरान जिला क्रीड़ा संकुल में कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था तथा कार्यालय को ताला लगा हुआ था।
व आज जिला स्तरीय प्रतियोगिता है इसकी जानकारी जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौड़ को नहीं थी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र शासन क्रीडा विभाग द्वारा शालेय विद्यार्थी खेल में आगे बढ़े वह जिले व राष्ट्र का नाम रोशन करें इसके लिए प्रतिवर्ष शालेय क्रीड़ा का आयोजन किया जाता है। उपरोक्त आयोजन संबंधित जिले के जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय व संबंधित साला के संयुक्त तत्वधान में आयोजित किए जाते हैं। वर्तमान में गोंदिया जिले में 92 खेल शालेय क्रीड़ा के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे हैं। तथा अधिकांश आयोजन क्रीड़ा संकुल में लिए जा रहे हैं लेकिन खेल के दौरान देखने में यह आया कि जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौड़ व अन्य निरीक्षकों द्वारा खेल के दौरान अनुपस्थित रहने वह खिलाड़ियों को समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
जिससे शालेय खेल स्पर्धा प्रतियोगिताओं पर प्रश्न चिन्ह निर्माण होने के साथ ही शासन द्वारा करोड़ों रुपए की निधि खर्च कर भविष्य के खिलाड़ी तैयार करने का जो कार्य किया जा रहा है उस पर जिला क्रीड़ा विभाग द्वारा ग्रहण लगाया जा रहा है। जिससे गोंदिया जिले के विभिन्न खेलों के उदयीमान खिलाड़ियों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह निर्माण हो रहा है।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कार्यालय में ताला अधिकारी नदारद
शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का प्रथम चरण तहसील स्तर पर लगभग आयोजित हो चुका है तथा अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित हो रही है इसी के अंतर्गत 17 दिसंबर शनिवार को जिला क्रीड़ा संकुल में जिला स्तरीय स्टैंड मर्दानी अखाड़े की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जब भी जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होती है तो जिला क्रीड़ा विभाग के अधिकारियों को उपस्थित रहना अनिवार्य होता है किंतु शनिवार को कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था साथ ही कार्यालय को भी ताला लगा था। स्पर्धा आयोजित की जाती है वह अवकाश का दिन भी होता है तो संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहना अनिवार्य है। लेकिन गोंदिया के जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौर की मनमर्जी व तानाशाही के चलते गोंदिया का जिला क्रीड़ा विभाग अपनी कार्यप्रणाली को लेकर हमेशा ही विवादित बना हुआ है वह इन अधिकारियों द्वारा शासन द्व्रारा खेल के लिए खर्च की जाने वाली करोड़ों रुपए की निधि का बंदरबांट करने के साथ ही जिले के खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विभागीय स्तर के खेल शुरू खिलाड़ियों के फॉर्म पर हस्ताक्षर करें कौन
कुछ खेलों के जिला स्तरीय खेल आयोजित होने के साथ ही विभागीय स्तर के भी खेल अन्य जिलों में आयोजित हो रहे हैं। जिसके लिए संबंधित टीम व खिलाड़ियों को जिला क्रीडा विभाग द्वारा उनके फार्म पर हस्ताक्षर व सील लगाना अनिवार्य होता है। रविवार 18 दिसंबर को चंद्रपुर में व भंडारा में विभागीय स्तरीय खेल आयोजित किए जा रहे हैं जिसके लिए शनिवार को उन खिलाड़ियों के आवेदन फार्म पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए क्योंकि जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय को ताला लगा हुआ था।
खिलाड़ियों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं
जिला क्रीड़ा संकुल में शासन द्वारा खिलाड़ियों की सुविधा के लिए हर साधन उपलब्ध करवाए जाते हैं किंतु गोंदिया जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय की अनदेखी के चलते गोंदिया जिले के खिलाड़ियों को उपरोक्त सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्रीड़ा संकुल में गत दिनों से शालेय क्रीडा स्पर्धा आयोजित हो रही है। जिसमें शहर व जिले के सैकड़ों खिलाड़ी उपस्थित होते हैं किंतु उनकी पीने के पानी पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है जहां सिर्फ एकमात्र मशीन लगी हुई है जो भी आए दिन खराब होने के साथ दूषित पानी खिलाड़ियों को मिल रहा है। जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम हो रहा है इसका जिम्मेदार कौन।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं
जिला क्रीड़ा संकुल में बड़ी संख्या में खिलाड़ी कोच व दर्शक पहुंचते हैं किंतु पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वह अपने वाहन कहां पर करें यह संकट उनके सामने प्रतिदिन निर्माण हो रहा है तथा इसके चलते प्रतिदिन विवाद की स्थिति निर्माण हो रही है।
सुरक्षाकर्मी खिलाड़ियों को वह दर्शकों के साथ कर रहे अभद्र व्यवहार
क्रीड़ा संकुल में आने वाले खिलाड़ियों कोच व दर्शकों के साथ प्रतिदिन क्रीडा विभाग द्वारा नियुक्त किए गए निजी एजेंसी के सुरक्षा कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार कर गाली गलौज तक की जाती है तथा पार्किंग की समस्या को लेकर यह मामला रोज सामने आ रहा है। जिससे खिलाड़ियों व कोच दर्शकों में दर्शकों आक्रोश निर्माण हो रहा है। यदि क्रीड़ा संकुल में वह आते हैं तो अपने वाहन कहां पर करें यह क्रीडा संकुल के किसी भी क्षेत्र में चिन्हित नहीं किया गया तथा सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाहर रोड पर वाहन रखने के लिए उन्हें बाध्य किया जाता है। मार्ग पर वाहन रखे होने से यदि दुर्घटना, वाहन चोरी होने पर इसका जिम्मेदार कौन।
शिकायत किए जाने पर कार्रवाई नहीं
सुरक्षाकर्मियों द्वारा खिलाड़ियों कोच वह दर्शकों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने पर जब इसकी शिकायत जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौर से की जाती है तो उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जाती जिसके चलते निजी एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों के हौसले बुलंद हो गए तथा वह खिलाड़ियों के साथ बदतमीजी व अभद्र व्यवहार करने के साथ गाली गलौज तक पर उतर आते हैं।
जिला क्रीड़ा अधिकारी को नहीं पता प्रतियोगिता कौन सी
राज्य शालेय खेल स्पर्धा आयोजित हो रही है लेकिन गोंदिया के जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौर को नहीं पता कि कौन सी प्रतियोगिता चल रही है। इस संदर्भ में जब शनिवार को जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 17 दिसंबर को किसी भी प्रकार की जिला स्तरीय स्पर्धा आयोजित नहीं हुई जबकि वास्तविकता में ऑस्टेडू मर्दानी अखाड़ा किं जिला स्तरीय प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में आयोजित की गई थी।
फेडरेशन व कोच संभाल रहे जिम्मेदारी
राज्य शालेय क्रीड़ा स्पर्धा के दौरान बच्चों के भविष्य को देखते हुए संबंधित खेल के फेडरेशन के अधिकारी व कोच द्वारा ही खेल की कमान संभाली जा रही है जिसके चलते खिलाड़ियों को कुछ राहत तो मिली है किंतु क्रीड़ा विभाग के अधिकारी अधिकांश समय नदारद रहते हैं।
अधिवेशन के नाम पर गायब
महाराष्ट्र शासन का सोमवार 19 दिसंबर से शीतकालीन अधिवेशन नागपुर में आयोजित हो रहा है जिसका बहाना बताकर वरिष्ठ अधिकारी जिला क्रीड़ा अधिकारी घनश्याम राठौड़ व अन्य उनके सहयोगी सभी नदारद हो गए इस संदर्भ में जब उनसे बात की गई तो बताएं कि हम अधिवेशन की तैयारी कर रहे हैं ठीक है अधिवेशन की तैयारी तो लेकिन बच्चों के भविष्य का क्या।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता नहीं व अन्य खेल के लिए कोच संबंधित अधिकारी से साइन ले लेता
जिला क्रीड़ा संकुल में शालेय खेल स्पर्धा के अंतर्गत 17 दिसंबर शनिवार को किसी भी प्रकार की खेल स्पर्धा आयोजित नहीं है वह विभागीय स्पर्धा के लिए अधिकारियों के उपस्थित न रहने पर संबंधित खेल के कोच खेल निरीक्षक से संपर्क कर हस्ताक्षर ले लेते हैं।
– घनश्याम राठौड़ जिला क्रीड़ा अधिकारी गोंदिया।