बुलंद गोंदिया। वर्ष 2014 में जिलाधिकारी गोंदिया के अंगरक्षक के रूप तैनात पुलिस सिपाही ज्ञानेश्वर औरासे उम्र 42 के घर में सेंधमारी कर अज्ञात लोंगो ने ए के 47 रायफल तथा 120 जिंदा कारतूस से भरी चार मैग्जीन में दो मैगजीन,सहित सोने का हार, कान के टॉप्स ऐसा कुल 52 हजार का मुद्देमाल चुरा लिया था।इस मामले पर फिर्यादि सिपाही औरासे ने गोंदिया शहर थाने में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस आपराधिक घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की धरपकड़ की। पकड़े गए आरोपितों में मनोहर योगेश्वर फरकुंडे उम्र 22, जितेंद्र योगेश्वर फरकुंडे उम्र 25 दोनों निवासी भोसा, तहसील आमगांव तथा अभिषेक भीमराव बहेकार उम्र 20 वर्ष के घर से ए के 47 रायफल और दो मैगज़ीन बरामद की थी।
पुलिस ने इस मामले में संपूर्ण जांच कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। तमाम सबूतों के आधार को ग्राहय मानते हुए तथा सरकारी वकील द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर माननीय न्यायालय ने अंतिम फैसला सुनाते हुए मनोहर फरकुंडे एवं जितेंद्र फरकुंडे को दोषी मानते हुए 5 साल सश्रम कारावास और 3 हजार आर्थिक दंड की सजा सुनाई। इस मामले पर तीसरे आरोपी अभिषेक बहेकार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने पर उसे रिहा कर दिया गया।
इस मामले पर तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अविनाश कालदाते , सहायक पुलिस निरीक्षक चन्द्रशेखर चौरे, सहायक पुलिस निरीक्षक गीते,मामले की जांच की व न्यायालय के कामकाज देखने पर पुलिस कर्मी ओमराज, किरसान का पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगले, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक बनकर ने प्रशंशा की। सरकार की ओर से पैरवी सहायक सरकारी वकील सुरेश रामटेके ने की।
आरोपियों पर दर्ज है 9 चोरी के मामले दर्ज..
दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 9 मामले दर्ज है। इनमे गोंदिया शहर थाने में 1, आमगांव में 4, गोंदिया ग्रामीण थाने में 2 एवं गोरेगाँव में 2 मामले दर्ज है।
जिलाधिकारी के अंगरक्षक की ए के 47 रायफल चुराने वाले दो आरोपियों को 5 का कारावास
