70 वर्षीय आदिवासी निराधार महिला भारी बारिश में खुले पर रहने को मजबूर, ग्राम का सभा मंडप बना आश्रय स्थल, मोहाडी ग्राम पंचायत की लापरवाही से महिला आवास योजना से वंचित

बुलंद गोंदिया।(संवाददाता गोरेगांव)- गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोहाडी में पंचायत प्रशासन का एक लापरवाही पूर्ण मामला सामने आया है। जिसमें ग्राम की 70 वर्षीय आदिवासी निराधार महिला चंदा रतिराम येरखडे को आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से गत 1 माह से भारी बारिश में महिला को खुले में रहकर ग्राम के सभा मंडप को अपना आश्रय स्थल बनाना पड़ा है।
गौरतलब है कि गोंदिया जिले में आए दिन स्थानीय प्रशासन व ग्राम पंचायतों की लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं। इसी के तहत जिले के गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोहाडी की एक 70 वर्षीय निराश्रित बुजुर्ग महिला चंदा रतिराम येरखडे को भुगतना पड़ रहा है।
विशेष यह है कि उक्त बुजुर्ग महिला निराधार है व उसके परिवार में कोई नहीं है तथा वे अकेली ही रहती है। जिसका पुराना मकान जर्जर अवस्था में होकर गिर चुका है जिसके लिए ग्राम पंचायत में आवास योजना के लिए आवेदन किया गया है, किंतु ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा लापरवाही पूर्ण तरीका अपनाते हुए महिला को आवास योजना से वंचित रखा गया है। जिसके चलते महिला को भारी बारिश के में खुले में अपना जीवन गुजारना पड़ रहा है।
फिलहाल गांव के सभा मंडप में महिला द्वारा अपना आश्रय स्थल बनाया है। विशेष यही की सभा मंडप में विद्युत ना होने से मच्छरों का प्रकोप व बारिश के दौरान जहरीले जीव जंतु का खतरा बना हुआ है।
ग्राम ग्राम पंचायत की लापरवाही का मामला यह है कि ग्राम के अनेक संपन्न परिवारों को दो-दो आवास योजना का लाभ दिया गया है किंतु एक निराश्रित आदिवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को आवास योजना से वंचित रखने वाली ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों पर कार्रवाई कर आदिवासी निराधार महिला को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए जनप्रतिनिधि व संबंधित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ध्यान दिया जाएगा क्या इस पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है।

 

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