बुलंद गोंदिया। नवेगांव- नागझिरा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में हाल ही में शामिल किए गए मुर्दोली के जंगल में वनराज को लेकर अफवाह चल रही थी किंतु 22 अप्रैल की सुबह इन अफवाहों पर लगाम लगाते हुए वनराज की गर्जना सुनाई दी व वन विभाग की नर्सरी परिसर में तीन बाघ दिखाई दिए।
गौरतलब है की गोंदिया जिले के संरक्षित वन क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र का विस्तार किया गया है, जिसके अंतर्गत गोरेगांव वन परिक्षेत्र जो पहले क्षेत्रीय वन विभाग के अधिकार में आता था हाल ही में प्रशासनिक रूप से इसे टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शामिल किया गया है।
उपरोक्त मुर्दोली क्षेत्र में पहले से ही वन्यजीवों की विचारण होता था लेकिन बफर जोन में शामिल होने के पश्चात वनराज के मुर्दौली जंगल परिसर में होने की अफवाह चल रही थी.
22 अप्रैल की सुबह वनराज की गर्जना सुनाई देने के साथ ही वन विभाग की नर्सरी से लगे हुए बंड तलाव परिसर में एक दो नहीं तीन बाघों के दर्शन नर्सरी में कार्य कर रहे मजदूरों के साथ-साथ वन कर्मचारियों को भी हुए जिस पर उनकी फोटो वह वीडियो बनाने से वह खुद को रोक नहीं पाए।
विशेष यह है कि क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्रों पर अब वन्य जीव विभाग का अधिकार हो गया है तथा मुर्दौली जंगल परिसर के दोनों और वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण होने के कारण बाघों की आबादी बढ़ रही है, जिसके फल स्वरुप बाघों की मौजूदगी अब नवेगांव-नागझिरा टाइगर प्रोजेक्ट के मुख्य कोर क्षेत्र के अलावा बफर क्षेत्र में भी दिखाई दे रही है।
कुछ दिनों पूर्व ही तिरोडा वन क्षेत्र के क्षेत्रीय जंगलों में एक मामला सामने आया था जिसमें शिकार की तलाश करते हुए एक बाघ खेत परिसर के कुएं में गिर गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।
अब गोरेगांव वन रेंज के मुर्दोली जंगल में भी बाघ की गर्जना सुनाई दे रही है बुधवार की सुबह वन मजदूर व वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा तीन बाघों को एक साथ बंड लेक पर पानी पीते हुए देखे जाने पर प्रत्यक्ष दर्शन कर इनका वीडियो बनाया गया तथा यह वीडियो वर्तमान में सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर वायरल हो रहा है तथा यह वीडियो सामने आने से जिले में बाघों की मौजूदगी बढ़ रही है या स्पष्ट हो गया है जिससे पर्यटन को काफी गति मिलेंगी ।
मानवी हस्तक्षेप जंगलों में बंद हो
गोंदिया जिले के संरक्षित वन क्षेत्र में बाघों के साथ-साथ अन्य वन्य जीव विचारण करते हैं जिनमें से अधिकांश क्षेत्र जंगलों से सटे ग्रामों के आसपास होता है तथा बाघ के विचारण में किसी भी प्रकार की बाधा निर्माण ना हो जिससे वन क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप पूर्ण रूप से बंद हो यह समय की मांग है तथा वन्य जीव प्रेमियों द्वारा भी इसे बड़े पैमाने पर वन विभाग से मांग की जा रही है।
वन्य जीव मानवी संघर्ष रोकना वर्तमान समय की मांग
गोंदिया जिले के संरक्षित वन क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या बढ़ रही है जिससे आए दिन अनेक क्षेत्रों में मानव व वन्य जीव संघर्ष होता दिखाई दे रहा है जिसमें ग्रामीणों वह किसानों को अपनी जान गवाने के साथ ही अपने पशुधन का भी नुकसान उठाने के साथ ही फसलों को भी छती हो रही है जिसके चलते अब समय की अनुसार संरक्षित वन क्षेत्र से लगे ग्रामों की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था वन विभाग द्वारा कड़ी कर मानव व वन्य जीव संघर्ष पर अंकुश लगाया जाना चाहिए जिससे भविष्य में दोनों सुरक्षित रहे।
बाघ कॉरिडोर को मजबूत करने की आवश्यकता
गोंदिया भंडारा जिले के जंगल संरक्षित वन क्षेत्र नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व शामिल है यह मध्य भारत के टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी का काम करते हैं।नागझिरा से पेच , नागझिरा नवेगांव से ताडोबा, नागझिरा उमरेड पवनी करांडला के रास्तों पर पहले एक बड़ा कॉरिडोर है।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश की कान्हा किसली का भी इसमें समावेश होता है किंतु निरंतर यह देखा जा रहा है कि जंगलों के अंदर अतिक्रमण वह अन्य कार्यो से बाघों के आने-जाने के मार्गों में कई बाधायेनिर्माण हो रही है जिससे बाघों का विचारण बाधित होता है ,समय की मांग के अनुसार इन कारीडोरो को और मजबूत करने की कड़ी आवश्यकता है।





