बुलंद गोंदिया। अर्जुनी मोरगांव निवासी आरोपी दिनेश भिकाजी नंदेश्वर उम्र 30 वर्ष को अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप में धारा 377 व बाल लैंगिक अत्याचार संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 व 10 के अंतर्गत दोषी करार देते हुए प्रमुख जिला व विशेष सत्र न्यायाधीश एस ए ए आर ओटी द्वारा 27 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा व 30 हजार रुपये का दंड सुनाया तथा उपरोक्त मामले का फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में ही दिया गया है या विशेष उल्लेखनीय है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त घटना गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील में 21 अक्टूबर 2021 की शाम 6:00 बजे के दौरान घटित हुई थी। जिसमें 6 वर्षीय पीड़ित बालक की माता जब मजदूरी के कार्य से अपने घर आई तो पीड़ित बालक द्वारा अपनी माता को बताया कि आरोपी दिनेश नंदेश्वर द्वारा घर पर आकर अपने व पीड़ित बालक के कपड़े उतार कर उस पर अप्राकृतिक अत्याचार किया है। जिस पर पीड़ित बालक द्वारा दी गई जानकारी बालक के शरीर पर जख्म के निशान व खून के निशान दिखाई दिए जाने पर उसके अनुसार अर्जुनी मोरगांव पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उपरोक्त शिकायत पर तत्काल अर्जुनी मोरगांव पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 377 व बाल लैंगिक अत्याचार प्रतिबंधक कानून 2012 की धारा 4,6 के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक सोमनाथ कदम द्वारा कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
उपरोक्त मामले में आरोपी के खिलाफ आरोदो सिद्ध करने तथा सरकार तथा फरियादी की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील सतीश यू घोड़े व विशेष सरकारी वकील कृष्णा डी पारधी द्वारा न्यायालय के समक्ष कुल 10 गवाहों को प्रस्तुत किया उपरोक्त मामले में आरोपी की उम्र तथा इसके पूर्व उसके द्वारा इसी प्रकार की एक और घटना को अ अंजाम दिए जाने पर 5 वर्ष की सजा मिलने, चिकित्सा अहवाल के अनुसार आरोपी को दोषी करार देते हुए प्रमुख जिला व विशेष सत्र न्यायाधीश एस ए ए आर ओटी द्वारा बाल लैंगिक अत्याचार संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 20000 का दंड तथा दंड ना भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास तथा धारा 10 बाल लैंगिक अत्याचार अधिनियम 2012 के अंतर्गत 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 10000 का जुर्माना दंड की राशि ना भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास इस प्रकार कुल 27 वर्ष का सश्रम कारावास व 30 हजार रुपये के दंड की कठोर सजा सुनाई है साथ ही उपरोक्त जुर्माने की राशि पीड़ित बालक को देने का न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया। इसके साथ ही जिला विधि सेवा प्राधिकरण गोंदिया के माध्यम से पीड़ित बालक को मनोधैर्य योजना के अंतर्गत आर्थिक मदद व पुनर्वसन करने का भी आदेश दिया है। उपरोक्त मामले में अर्जुनी मोरगांव पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में पैरवी पुलिस कर्मचारी महिला पुलिस हवलदार गीता ठाकुर द्वारा विशेष सहयोग दिया गया।
अप्राकृतिक दुष्कर्म नराधम आरोपी दिनेश नंदेश्वर को 27 वर्ष का सश्रम कारावास, 3 माह में हुआ मामले का फैसला




