जंगल में गस्त लगाने के दौरान संसाधनों का अभाव वनरक्षक, वनपाल, वन मजूर वह वन कर्मचारी संगठना का धरना आंदोलन 10 अगस्त को

बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के वन विभाग के अंतर्गत आने वाले जंगलों में गस्त के दौरान वन कर्मचारियों को समुचित संसाधनों की आपूर्ति न होने के चलते वन कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते 5 अगस्त को वनरक्षक श्यामू शरणागत पर भालू ने हमला किया था जिसमें उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी ,गस्त के दौरान समुचित संसाधनों व सुरक्षा की मांग को लेकर वनरक्षक, वनपाल, वन मजदूर वह वन कर्मचारी संगठन द्वारा एकदिवसीय धरना आंदोलन 10 अगस्त2026 को आयोजित किया गया है।

गौरतलब है की नवेगॉव नागझिरा प्रकल्प के अंतर्गत गोंदिया वन्यजीव विभाग वन परिक्षेत्र उमरझरी उपवन क्षेत्र रिसाला के बंदरझरा बीट में कार्यरत वनरक्षक श्याम महागु शरणागत 5 अगस्त को एक वन मजूर के साथ वन क्षेत्र में गस्त लग रहा था इसी दौरान उस पर भालू ने हमला किया जिसमे उसकी मौत हो गई। शासकीय कार्य के दौरान मौत होने पर उसे शाहिद कर्मचारी का दर्जा देते हुए संपूर्ण शासकीय नियम के अंतर्गत अंतिम संस्कार करने की संगठना द्वारा निवेदन किया गया था.
वर्तमान में संपूर्ण महाराष्ट्र के संरक्षित वन क्षेत्र व सह वन क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ वह अन्य हिंसक वन्य प्राणी मनुष्य निवास व ग्रामों की ओर आकर हंगामा करने वह मनुष्य पर हमला कर कर उनकी जान लेने की घटनाएं प्रतिदिन घटित हो रही है। जिसमें वन्य जीव व्यवस्थापन के लिए अनेक उपाय योजना शुरू है।
इस दौरान पिंजरा लगाने वह अन्य खर्च का नियोजन नहीं है किंतु इस प्रकार की घटना होने पर ग्राम वासियों का आक्रोश देखते हुए आनंन -फानन में आदेश दिया जाता है। इस दौरान वन विभाग के अधूरे मनुष्य बल व कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सुविधा व संसाधन की आपूर्ति नहीं की जाती तथा रात दिन उन्हें अपना कर्तव्य निभाते हुए गस्त का कार्य करना पड़ता है। इस दौरान कर्मचारियों को भोजन की भी सुविधा उपलब्ध नहीं होती इन सभी समस्याओं को लेकर संगठन द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर निवेदन व चर्चा भी की है।
अधूरे संसाधन वह मनुष्य बल की कमी होने के बावजूद भी अपने जान को जोखिम में डालकर वन कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्य का पालन किया जा रहा है।
5 अगस्त को अति संवेदनशील क्षेत्र में सिर्फ एक वन मजदूर के साथ गस्त लगाई जा रही थी जिसमें वनरक्षक श्याम शरणागत पर भालू ने हमला किया जिसमें उसकी मौत हो गई इस दौरान यदि दो से तीन वन मजदूर साथ में होते तो घटना को काफी हद तक टाला जा सकता था।
वन कर्मचारी कि वन्य जीव हमले में मौत के चलते आक्रोशित वन कर्मचारियों द्वारा एकदिवसीय धरना आंदोलन वन विभाग कार्यालय के सामने आयोजित किया है तथा इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग की रहेगी तथा इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों को भी धरना आंदोलन का निवेदन भेजा गया है।

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