गणपति बाप्पा चले अपने धाम अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष के साथ भक्तों ने दी भावभीनी विदाई

बुलंद गोंदिया। प्रतिवर्ष अनुसार 11 दिनों तक गणेश उत्सव पर्व इस वर्ष 14 से 25 सितबर 2026 तक बड़े धूमधाम से मनाया गया। जिसमें हजारों सार्वजनिक स्थानों के साथ नागरिकों ने अपने घरों में बाप्पा की मूर्ति की स्थापना कर भक्ति भाव से पूजा अर्चना की तथा अनंत चतुर्दशी ग्यारवे दिन गणपति बप्पा अपने धाम की ओर चले जिन्हें भक्तों द्वारा अगले बरस तू जल्दी आ व गणपति बाप्पा जय घोष के साथ भावभीनी विदाई दी।

इको फ्रेंडली विसर्जन
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शहर के अनेकों स्थानों पर इको फ्रेंडली विसर्जन कुंड बनाए गए थे
नगर परिषद द्वारा इंदिरा गांधी स्टेडियम ,नगर परिषद स्कूल छोटा गोंदिया, नगर परिषद स्कूल रेलटोली,नगर परिषद मालवीय स्कूल, सूर्याटोला बांधतलाव के समीप तथा कृष्णपुरा पुरा वार्ड में भी इको फ्रेंडली कुंड बनाए गए।साथ ही लायंस क्लब व नगर परिषद गोंदिया द्वारा हिंदी टाउन स्कूल मैदान में 11 वे वर्ष में कुंड बनाया गया था। सिंधु फ्रेंड्स ग्रुप द्वारा सिंधी स्कूल मैदान में,जिसमें हजारों की संख्या में घरों में विराजित प्रतिमाओं का विसर्जन इको फ्रेंडली तरीके से किया
गया इस दौरान 11 दिनों तक जमा किए गए निर्माल्य भी अलग जमा किया गया।

डीजे पर बंदी गणेश भक्तों में नाराजगी
जिला प्रशासन द्वारा गणेश विसर्जन के दौरान डीजे वह तेज साउंड पर प्रतिबंध लगाए जाने के चलते विसर्जन में प्रतिवर्ष बाबा को धूमधाम से विदाई देने की परंपरा पर रोक लगने से बाप्पा के भक्तों में अच्छी खासी नाराजगी प्रशासन के खिलाफ दिखाई दी हालांकि गणेश मंडलों द्वारा शासन द्वारा जारी किए गए इन दिशा निर्देशों का पालन करते हुए दिखाई दिए।

जिले व शहर के आसपास के नदी व नालों में मूर्तियों का विसर्जन
गणेश प्रतिमाओं का शहर व जिले के आसपास के नदी व तालाबों में विसर्जन शनिवार 25 सितंबर की सुबह से ही शुरू हो गया था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जिला पुलिस विभाग द्वारा सभी नदी व तलाव परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के साथ अनेक प्रमुख स्थानों पर गोताखोरों की दल तैनात किए गए तथा मुख्य रूप से महाराष्ट्र मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित बाघ नदी पर जिला आपदा प्रबंधन विभाग के दल को तैनात किया गया।

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