बुलंद गोंदिया। गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति भाऊराव उके वह उपसभापति राजकुमार पटले की मनमानी कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोशित होकर 13 संचालको द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का पत्र जिलाधिकारी को देकर विशेष सभा बुलाने की मांग की है।
गौरतलब है गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति के चुनाव 2 वर्ष पूर्व हुए थे जिसमें भारी परिवर्तन होने के पश्चात बाजार समिति के सभापति पद पर विधायक विनोद अग्रवाल के समर्थक भाऊराव उके वह उपसभापति पद पर कांग्रेस के राजकुमार उर्फ पप्पू पटले निर्वाचित हुए थे किंतु दो वर्षों में सभापति वह उपसभापति की तानाशाही व मनमाने तरीके से किया जा रहे कार्य से आक्रोशित होकर 18 संचालकों में से 13 संचालकों द्वारा उनके खिलाफ बगावत कर अविश्वास का प्रस्ताव लाया गया है जिसके लिए 13 संचालकों द्वारा गुरुवार 6 अगस्त को जिलाधिकारी मंदार पत्की से भेंट कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का पत्र दिया व मांग की है की विशेष सभा का आयोजित कर इसमें अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए।
वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार मासिक सभा में लिए वापस
संचालकों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि सभापति भाऊराव उके वह उपसभापति राजकुमार पटले बाजार समिति का काम मनमर्जी से चलते हैं तथा किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में संचालक मंडल को विश्वास में नहीं लेते हैं जिससे उनके द्वारा किए जा रहे हैं मनमर्जी के कामकाज पर रोक लगाने के लिए गत मासिक सभा में 13 संचालकों द्वारा बहुमत के साथ प्रस्ताव पारित कर सभापति वह सभापति के सभी वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार बहुमत के आधार पर वापस ले लिए थे तथा उन्हें प्रशासनिक व वित्तीय निर्णय लेने पर रोक लगाई गई थी किंतु इसके बावजूद बाजार समिति की स्थिति में सुधार न होने के चलते परेशान संचालकों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने का यह कदम उठाया है।
विशेष सभा बुलाने की मांग
महाराष्ट्र कृषी उत्पन्न बाजार समिति अधिनियम 1963 की धारा 23 ए वह नियम 1967 में के प्रावधान के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है कानून व नियमों के प्रावधानों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव को विशेष सभा में रखने व मतदान करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जल्द से जल्द विशेष सभा आयोजित करने की मांग पत्र के माध्यम से की गई है।
सभी पक्षों के संचालको का समावेश
सभापति वह उप सभापति पर 13 संचालकों द्वारा विश्वास के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसमें विधायक विनोद अग्रवाल, पूर्व विधायक गोपाल दास अग्रवाल। राष्ट्रवादी समर्थक संचालकों का समावेश है जिसमें धनंजय तुरकर, मुनेश रहांगडाले ,राजीव ठकरेले , ओमेश्वर चौधरी, चेतन बहेकार, राधा कृष्ण ठाकुर, कोशल तुरकर, श्यामकला पाचे, मुरलीधर नागपुरे , अरुण गजभिए, धनलाल ठाकरे, पंकज यादव, विजय उके शामिल है। इसके साथ ही दो संचालक जो फिलहाल बाहर है उन्होंने भी इसमें अपना समर्थन व्यक्त किया है जिससे 18 में से 15 संचालको द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने व पूर्ण बहुमत से इन्हें पद से हटाने की मांग की है.
उपरोक्त निवेदन की प्रति आगामी कार्रवाई के लिए विपणन निदेशक पुणे, विभागीय आयुक्त निबंधक नागपुर व उप जिला निबंधन गोंदिया को भी भेजी गई है।
सभापति पर रिश्वत का मामला दर्ज
कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति भाऊराव उके पर कर्मचारियों को स्थाई करने जैसे मामले में रिश्वत लेने का मामला भी दर्ज है किंतु राजनीतिक संरक्षण के चलते उस समय उन्हें पद पर से हटाया नहीं गया था इतना होने के बावजूद भी सभापति अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे जिससे आक्रोशित वह पीड़ित संचालकों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का कदम उठाया गया है।
बाजार समिति के इतिहास में पहली बार अविश्वास
गोंदिया कृषि उत्पन्ना बाजार समिति 1960 के आसपास बनी थी जिसे करीब 65 वर्ष हो चुके हैं इन 65 वर्षों में अब तक किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव नहीं आया था यह पहली बार सभापति वह उपसभापति के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव एक साथ आया है।







