असिसमेंट विभाग के सर्वेयर ने नापजोक कर बनाया बिल, मुझ पर लगे बेबुनियाद आरोप – गणेश मौजे

बुलंद गोंदिया। गोंदिया टैक्स विभाग का एक मामला गत दिनों सामने आया था जिसमें सिंधी कॉलोनी निवासी फरियादी को असिसमेंट के बिना टैक्स वसूली का बिल देकर राशि कम करने के नाम पर न करने की शिकायत मुख्य अधिकारी को की गई थी इस संदर्भ में पीड़ित कर्मचारी गणेश मौजे द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि संपत्ति धारक को असिसमेंट विभाग के सर्वेयर द्वारा मालमत्ता का सर्वे व नाप जोक कर नगर परिषद की वर्तमान मंजूर दर के अनुसार बिल दिया गया था। उपरोक्त बिल असिसमेंट विभाग से प्राप्त होने पर संपत्ति धारक को दिया गया था। तथा इस संदर्भ में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाकर कार्यवाही की गई जो कि निराधार है।
गौरतलब है कि गोंदिया नगर परिषद के टैक्स विभाग में कार्यरत अस्थाई कर्मचारी गणेश मौजे को गत दिनों मुख्य अधिकारी द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर बर्खास्त किया गया था। इस संदर्भ में गणेश मौजे द्वारा दी गई प्रेस विज्ञप्ति में खुलासा किया गया है कि सिंधी कॉलोनी निवासी संपत्ति धारक जेठानंद घनश्यामदास हरीरामानी इनके पुरानी संपत्ति का टैक्स 2543 रुपए सालाना था। जिसका नए निर्माण किए जाने के पश्चात 10785 वार्षिक किया गया था। तथा घनश्याम बिरूमल हरीरामानी इनका पुराना टेक्स 1811 वार्षिक था तथा मकान के नए निर्माण के पश्चात 29501 रुपए हुआ था उपरोक्त टैक्स वर्ष 2018-19 से बांधकाम होने के पश्चात गोंदिया नगर परिषद के असिसमेंट विभाग के सर्वेयर राजेश शर्मा द्वारा संपत्ति का नाप जोक कर सर्वे कर उसका नगर परिषद की वर्तमान दर से बिल बनाकर टैक्स लगाया गया था। जिसकी टैक्स वसूली के लिए बिल बुक पर स्वयं राजेश शर्मा द्वारा टैक्स की राशि लिखकर मुझे संपत्ति धारक को बिल देने का निर्देश दिया गया था। जिस पर मैंने अपने सहयोगी कर्मचारी अशोक पटले के माध्यम से संपत्ति धारक को टैक्स का बिल दिया था तथा किसी भी प्रकार से संपत्ति धारक से राशि की मांग नहीं की गई थी। क्योंकि नगर परिषद के नियमानुसार संपत्ति धारक को टैक्स जमा कराना होता है जो कि असिसमेंट विभाग द्वारा दिए गए बिल के अनुसार ही होता है तथा संबंधित संपत्ति धारक हरीरामानी का इतना बड़ा हुआ इतना बड़ा हुआ टैक्स न देकर असिसमेंट विभाग के प्रमुख मुकेश मिश्रा से मिलीभगत कर असिसमेंट की फाइल गायब कर दी तथा मुझे गणेश मौजे को टैक्स कम करने के लिए बार-बार कहा गया जबकि मैंने साफ इनकार किया तथा इस मामले में असिसमेंट विभाग के सर्वेयर राजेश शर्मा द्वारा सर्वे करने गया था जिस के संदर्भ में संपत्ति धारक जेठानंद हरीरामानी, घनश्याम बिरुमल हरीरामानी भी इंकार नहीं कर सकते साथ ही उपरोक्त निर्माण कार्य नगर परिषद से बिना बांधकाम की मंजूरी बिना नक्शा पास किए बनाया हुआ था जिससे उनका टैक्स बढ़ना नगर परिषद के नियमानुसार था किंतु असिसमेंट विभाग के अधीक्षक ने टैक्स क्यों नहीं बढ़ने दिया तथा सर्वे की फाइल रातों-रात गायब क्यों कर दी गई यह प्रश्न चिन्ह निर्माण हो रहा है तथा मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाकर नगर परिषद मुख्य अधिकारी से झूठी शिकायत कर कार्यवाही की गई तथा इस संदर्भ में अनेक समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित कर मुझे बेवजह बदनाम करने का कार्य शिकायतकर्ता हरीरामानी द्वारा किया गया है जो कि निराधार बेबुनियाद है मैं नगर परिषद मुख्य अधिकारी से मांग करता हूं कि इस संदर्भ में एक निष्पक्ष जांच समिति बनाकर मामले की जांच करें व दोषियों पर कार्रवाई करें।

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