बुलंद गोंदिया। महाराष्ट्र राज्य के पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार करने के लिए पर्यटन संचालनालय व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में 12 व 13 मार्च को गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले बोदलकसा पर्यटन स्थल में पंछी महोत्सव का आयोजन किया गया था । किन्तु उपरोक्त पंछी महोत्सव जिले वासियों के लिए मात्र दिखावा साबित हुआ। आनन-फानन में आयोजित किए गए उपरोक्त महोत्सव की जानकारी जिले के सामान्य नागरिकों तक पहुंचाने में पर्यटन संचालनालय असफल रहा तथा कार्यक्रम में लगने वाली करीब 35 लाख रुपए की निधि का सिर्फ बंदरबांट हुआ है।

गौरतलब है कि राज्य महाराष्ट्र राज्य के पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार पर्यटन संचालनालय के माध्यम से किया जाता है ।जिसके लिए जिले के बोदलकसा पर्यटन स्थल में पंछी महोत्सव का आयोजन किया गया था। उपरोक्त आयोजन के लिए कार्यक्रम के 1 दिन पूर्व ही संचालनालय द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई तथा इस अवसर पर जानकारी दी गई कि कार्यक्रम के लिए करीब 35 लाख की निधि पर्यटन संचालनालय द्वारा मंजूर की गई है। जिसे इतनी बड़ी राशि मंजूर होने के बावजूद कोरोना काल के 2 वर्षों के पश्चात आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का प्रचार प्रसार करने मे पर्यटन संचालनालय असफल रहा जिससे जिले के सभी नागरिकों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पाई जिससे उपरोक्त कार्यक्रम पर प्रश्नचिन्ह निर्माण होने लगा है। कार्यक्रम में आनन-फानन में कुछ महिला बचत गट के स्टाल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था जो सिर्फ दिखावे के लिए नाम मात्र ही रहा हालांकि उपरोक्त कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध वन्य जीव फिल्म निर्माता नल्लामुथु आकर्षण का केंद्र थे ।
उपरोक्त कार्यक्रम का उद्घाटन बोदलकसा में तिरोडा क्षेत्र के विधायक विजय रहांगडाले के हस्ते व जिलाधिकारी नयना गुंडे की प्रमुख उपस्थिति तथा अपर जिलाधिकारी राजेश खवले, पर्यटन विकास महामंडल की वरिष्ठ प्रादेशिक व्यवस्थापक शिप्रा बोरा, उपसंचालक प्रशांत सवाई, निवासी उप जिलाधिकारी जयराम देशपांडे, तिरोड़ा की उप विभागीय अधिकारी पूजा गायकवाड, पुलिस उपविभागीय अधिकारी प्रमोद मडामे, जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख रोहिणी सागरे ,गोंदिया के तहसीलदार धनंजय देशमुख अनिल खड़तकर, आपदा व्यवस्थापन अधिकारी राजेंद्र चौबे, पक्षी मित्र डाॅ राजेंद्र जैन, बोदलकसा के सरपंच पटले, जीप सदस्य बालू बवंनथड़े पंचायत समिति सदस्य जमाईवार की उपस्थिति में किया गया था।

बचत गट के स्टाल सिर्फ शोपीस
बोदलकसा पंछी महोत्सव में महिला बचत गटो के स्टाल लगाए गए थे। लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में नागरिकों व पर्यटको की संख्या अधिक प्रमाण में नहीं होने के चलते सभी स्टाल सिर्फ शोपीस ही बने हुए थे। जिसमें ग्राहकों का अभाव साफ दिखाई दे रहा था।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को मंच पर स्थान नहीं
बोदलकसा में आयोजित पर्यटन महोत्सव में बोदलकसा के सरपंच पटले सहित जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्यों को विभाग द्वारा मंच पर स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया जिस पर विधायक विजय रहांगडाले द्वारा नाराजगी भी व्यक्त की गई थी।
प्रचार प्रसार के लिए एजेंसी नागपुर की
गोंदिया जिले के बोदलकसा में पर्यटन संचालनालय द्वारा पंछी महोत्सव आयोजित किया गया था। जिसके प्रचार-प्रसार का जिम्मा नागपुर की एक निजी मीडिया एजेंसी को दिया गया था। जबकि जिले में होने वाले प्रचार-प्रसार का कार्य जिले की मीडिया के माध्यम से किया जाना चाहिए किंतु जिले की मीडिया की उपेक्षा कर पर्यटन संचालनालय द्वारा नागपुर की एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया जिस पर भी प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है।
आनन-फानन में तैयारी कुछ खामियां रही
महाराष्ट्र पर्यटन विभाग द्वारा कोविड-19 के पश्चात पर्यटन महोत्सव की तैयारी आनन-फानन में की गई थी। जिसके लिए जिले में तैयारी के लिए मात्र 5 दिनों का ही समय मिल पाया जिसके चलते कुछ खामियां रह गई किंतु भविष्य में होने वाले किसी भी आयोजन में इन खामियों को नहीं रहने दिया जाएगा तथा सभी तैयारियां पूर्ण रूप से की जाएंगी ।
– प्रशांत सवाई पर्यटन उप संचालक नागपुर।





