बुलंद गोंदिया । राज्य के पूर्व मंत्री एवं गोंदिया-भंडारा विधानपरिषद क्षेत्र के विधायक डॉ. परिणय फुके सड़क अर्जुनी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान वर्तमान महाविकास आघाड़ी सरकार पर जमकर आक्रमक हुए। विधायक फुके ने कहा, राज्य में स्थापित महाविकास आघाड़ी की सरकार किसान विरोधी है, दो साल के कार्यकाल में इस सरकार ने राज्य का बेड़ागर्ग कर दिया। इस बेरहम सरकार के कार्यकाल में बिजली बिलों के नाम पर किसानों के खेती पंप के कनेक्शन काटे जा रहे है, दीपावली के दौरान गाँव में अंधेरे करवा दिए। किसानों को धान का बोनस नही दिया, बारदाना नही है, वही धान खरीदी में देरी कर सिर्फ उद्घाटन किये जा रहे है। ऐसी किसान विरोधी नकारात्मक सरकार को सबक सिखाने का वक्त आ गया है, हमें विरोधक की भूमिका का रास्ता अपनाकर अब प्रत्येक ग्राम में स्थानीय विधायकों की गाँवबन्दी करनी चाहिए।
विधायक फुके ने कहा, 1 अक्टूबर को शुरू होने वाली धान खरीदी आज डेढ़ माह बाद भी शुरू नही की गई। इस साल बोनस मिलेगा भी या नही इसे लेकर ये सरकार मौनी बाबा बनकर बैठी है। बारदाना अबतक उपलब्ध नहीं हुआ है जबकि तिकड़ी सरकार के नेता धान ख़िरीदी केंद्र का उद्घाटन कर पेपरबाजी में लगे हुए है। बेमौसम बारिश ने खुले में रखे धान पर आफत बरसा रखी है। किसान संकट में है पर बेफिक्र सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं। ऐसे समय में हमें एकजुट होकर विरोधक की भूमिका अपनाते हुए गाँव में विधायकों की बंदी करनी चाहिये। जब तक समाधान नही विधायको की एंट्री नहीं।
कॉंग्रेस-राकां वालो ने कहा था, हमारी सरकार आने पर हम 16 घँटे कृषि हेतु बिजली देंगे। पर इन्होंने अपने वादे भूल गए। राज्य में हमारी सरकार ने एक भी कृषि कनेक्शन कटने नही दिए, पर इनके राज में ये किसान विरोधी होकर बिजली कनेक्शन काटने से बाज नही आ रहे है। कोविड में नागरिकों ने, किसानों ने आर्थिक संकट झेला, पर इस तिकड़ी सरकार ने बिजली बिल माफ करने की बजाए पूरा पैसा वसूल किया। पंचायत के चुनावों में हमें प्रत्येक व्यक्ति के पास जाकर इनकी सच्चाई बताना होगा और इन्हें बाहरी रास्ता दिखाकर स्थानीय निकायों के चुनाव में भाजपा का झंडा लहराना होंगा। अर्जुनी तहसील के पांढरी, डव्वा जिला परिषद क्षेत्र में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान पूर्व पालकमंत्री राजकुमार बड़ोले, भंडारा/गोंदिया जिला संगठनमंत्री वीरेंद्र (बाळा ) अंजनकर, पूर्व विधायक खोमेश्वर रहांगडाले, शेषराव गिरिपुंजे, अशोक लंजे, विजय बिसेन , विनायक कापगते, लायकराम भेंडारकर, हर्ष मोदी, डॉ. कावड़े, डॉ. भूमेश्वर पटले नागसीन फुले, चेतन वड़गाये, जीवन लंजे, सरपंच गोपालटोली उन्दिरवाड़े ताई सहित पक्ष के प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के अनेक नागरिक व किसान उपस्थित थे ।





