बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले में मानसून के दौरान आने वाली आपदा और चुनौतियों का निरीक्षण जिलाधिकारी राजेश खवले द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर किया गया इस अवसर पर ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति और चुनौतियों के लिए तैयार हैं। तथा आपदा के दौरान प्रशासन तथा नागरिक आपस में समन्वय करें जिससे आनेवाली चुनौतियों से मुकाबला किया जा सके।
जिले के 96 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। मानसून का मौसम शुरू हो गया है और गुरुवार को जिले में भारी बारिश हुई। मानसून की शुरुआत के बाद से गोंदिया और तिरोड़ा तहसील में भारी बारिश हुई है। इसलिए जिलाधिकारी राजेश खवले ने बाढ़ प्रभावित गांवों की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने बिरसोला, भदयाटोला, कासा, पुजारिटोला, मरारटोला, ब्रम्हंणटोला और काटी का दौरा किया और मानसून की तैयारियों के संबंध में योजना और भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी के साथ अपर तहसीलदार अनिल खडतकर, नायाब तहसीलदार जी.पी. शिंगडे, बाढ़ नियंत्रण अधिकारी रमेश मेश्राम, आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे, रावणवाड़ी पुलिस निरीक्षक उमेश पाटिल, बोर्ड अधिकारी एनबी वर्मा और डीएच पोरचेट्टीवार, पटवारी जीपी सोनवणे और एएल वालोड मौजूद थे।
जिले में गत वर्ष अगस्त में गोंदिया और तिरोड़ा तहसील में बाढ़ की चपेट में आ गया था। इस अवधि के दौरान, बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ और साथ ही किसानों की फसलों, घरों, मवेशियों और पशुओं की भारी क्षति हुई। इस वर्ष इस घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए जिलाधिकारी राजेश खवले ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भौगोलिक स्थिति एवं बाढ़ के कारणों तथा प्रशासन द्वारा इसके लिए किये गये उपायों की जानकारी ली।
वैनगंगा और बाग नदियों के किनारे के गांवों में और निचले इलाकों में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान के साथ ही सरकार से समय पर राहत के लिए नावों और जनशक्ति के पर्याप्त प्रावधान के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। इस क्षेत्र में पुलों और सड़कों की ऊंचाई कम होने के कारण बाढ़ के दौरान एक गांव दूसरे गांव से पूरी तरह कट जाता है। इसलिए ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलों और सड़कों की ऊंचाई बढ़ाने का अनुरोध किया। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि गर्मी की फसलों के लिए क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए बिजली की आपूर्ति को सुव्यवस्थित किया जाए।
बिरसोला ग्राम सरपंच सरोजिनी डंडेल, उप सरपंच देवलाल जंभारे, पुलिस पाटिल दिलीप तुरकर, कासा ग्राम सरपंच कृष्णा मार्ठे, पुलिस पाटिल रमेश येस्ने, कोतवाल पिंटू बागड़े सहित अन्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने किया दादी का अभिनंदन
गोंदिया तहसील के मरारटोला गांव के निचले स्थान में जमारे परिवार रहता है और बाढ़ के दौरान हर साल बाढ़ का पानी उनके घर में प्रवेश करता है। इसलिए, इन परिवारों को हर साल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाता है। पूरा परिवार संयुक्तरूप में रह रहा है और परिवार के सदस्यों की संख्या 44 है। परिवार की मुखिया 85 वर्षीय दादी श्रीमती करीबाई रामचंद जमारे ने पिछले वर्ष की बाढ़ की स्थिति पर काबू पाकर परिवार और अपनी रक्षा की।जिलाधिकारी खवाले ने दादी को फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी।
आपदा के दौरान प्रशासन व नागरिक आपस में करें समन्वय- जिलाधिकारी की अपील
बाढ़ की स्थिति से उबरना संभव है। आपदा के समय किसी भी नागरिक की मदद के लिए जिला प्रशासन हमेशा तैयार रहता है। प्रशासन और नागरिक समाज में गलियारे के दो पहलू हैं ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को एक दूसरे के साथ समन्वय करके बाढ़ की स्थिति को दूर करने के लिए एक साथ आना चाहिए।




