संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए छोटे निजी नर्सिंग होम को दी जाए मान्यता

बुलंद गोंदिया। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में बेड की कमी होने की अवस्था में शासन द्वारा छोटे निजी नर्सिंग होम मैं संक्रमित मरीजों को भर्ती कर उपचार करने के लिए मान्यता दी जाए। गोंदिया शहर व जिले में अनेक ऐसे नर्सिंग होम हैं जहां संक्रमित मरीजों को उपचार के लिए भर्ती कर इलाज किया जा सकता है। साथ ही अनेक नर्सिंग होम संचालकों द्वारा मान्यता के लिए शासन के समक्ष प्रस्ताव भी दिया है ।जिन्हें जांच कर जल्द से जल्द मान्यता देने की मांग न्यू बालाजी नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर नितेश वाजपेई द्वारा की गई है। हालांकि वर्तमान स्थिति में जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन आने वाली परिस्थितियों को देखते हुए इसका नियोजन स्वास्थ्य विभाग वह प्रशासन द्वारा अभी से ही किया जाए जिससे भविष्य में संक्रमित मरीजों को वह नागरिकों को परेशानी ना हो। गत दिनों चले संक्रमण के कहर के चलते मान्यता प्राप्त चिकित्सालय में व शासकीय चिकित्सालय में बेड उपलब्ध ना होने की अवस्था में अधिकांश छोटे नर्सिंग होम के डॉक्टरों द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों इलाज कर उन्हें ठीक किया गया है। डॉक्टर नितेश वाजपेई ने बताया कि जब कुछ मरीजों को कहीं बैड ना मिलने वह अस्पताल में जगह उपलब्ध ना होने की स्थिति में उनके द्वारा मरीजों का उपचार किया गया जिसमें आमगांव निवासी 56 वर्षीय मरीज जिसका ऑक्सीजन लेबल 64 होने पर भी 3 दिनों का उपचार कर उनका ऑक्सीजन लेवल 85 के ऊपर लाया गया उसी प्रकार कोचेवाही निवासी 42 वर्षीय मरीज का ऑक्सीजन लेवल 71 होने पर उसका उपचार शुरू कर 8 दिनों में उसका अक्सीजन लेवल 97 के स्तर पर लाया गया उसी प्रकार बेड उपलब्ध ना होने पर ओपीडी के माध्यम से भी अनेक मरीजों का उपचार कर उन्हें संक्रमण से राहत प्रदान की जिसमें आमगांव निवासी 36 वर्षीय पुरुष मरीज ,बालाघाट निवासी 38 वर्षीय महिला मरीज , गोंदिया निवासी 64 वर्षीय महिला मरीज जिनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम होने के बावजूद उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ किया गया शासन द्वारा छोटे नर्सिंग होम को जल्द से जल्द मान्यता दी जाए तो संक्रमण की स्थिति में मरीजों का उपचार समुचित तरीके से किया जा सकता है।

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