बुलंद गोंदिया।( अनिल मुनीश्वर)– सड़क अर्जुनी तहसील के अंतर्गत आने वाले जामड़ी दौड़के जंगल मैं वन विकास महामंडल के कंपार्टमेंट नंबर 511 में एक 3 वर्षीय जंगली भैंसा मृत अवस्था में मिला ग्रीष्म काल के दौरान पानी की कमी होने के चलते वन्य प्राणियों की मौत हो रही है। जिस पर वन विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही है। उपरोक्त वन क्षेत्र में बीट रक्षक माया घासले को गस्त के दौरान जंगली भैंसा मृत अवस्था में दिखाई दिया। वन विभाग के अनुसार उपरोक्त भैंसे की मौत करीब 5 दिनों पूर्व होने का अंदाजा लगाया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही सहायक वनरक्षक पंकज उइके , वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिजीत देशमुख, क्षेत्र सहायक रमेश लांबट वनरक्षक माया घासले ने घटनास्थल पर भेंट दी जहां सड़ी गली अवस्था में भैंसे का मृत शव दिखाई दिया जिसके पश्चात घटनास्थल पर ही उसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया इस संदर्भ में पोस्टमार्टम करने वाले पशु चिकित्सक डॉक्टर श्रीकांत वाघये पाटिल ने बताया कि शव सड़ी गली अवस्था में होने से पोस्टमार्टम बराबर नहीं हो पाया है। जिसके चलते मरने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। विशेष यह है कि गोंदिया जिले के संरक्षित वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले वन्य प्राणियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग की है लेकिन अधिकारी व कर्मचारी इस और अनदेखी कर रहे हैं। उपरोक्त क्षेत्र में एक से डेढ़ माह में यह दूसरे जंगली भैंसे की मरने की घटना सामने आई है। ग्रीष्म काल का प्रकोप बढ़ते ही वन क्षेत्र में पानी की किल्लत हो जाती है। हालांकि वन विभाग द्वारा पानी की व्यवस्था करने के दावे किए जाते हैं। लेकिन वन्य प्राणी पानी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं। तथा पानी नहीं मिलने के चलते भी अनेक वन्य प्राणियों की मौत हो जाती है। साथ ही इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों पर हमले, वन्य जीव व मानव में हिंसक झड़प व दुर्घटना का शिकार होकर भी वन्य प्राणी व नागरिक घायल होने के साथ ही जान गवाते हैं। वन विभाग द्वारा इस और तत्काल कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
दौड़के जामड़ी जंगल परिसर में मृत मिला जंगली भैंसा, वन्य प्राणियों की मौत पर वन विभाग की अनदेखी





