बुलंद गोंदिया। शासकीय मेडिकल कॉलेज गोंदिया में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे रहा है। उपरोक्त प्लांट गोंदिया शासकीय जिला चिकित्सालय की इमारत में चल रहे मेडिकल कॉलेज इमारत के बीचो बीच निर्माण हो रहा है। जिससे भविष्य में कभी भी गंभीर हादसा घटित हो सकता है। इमारत परिसर से सौ से दो सौ मीटर के अंतर पर 3 स्कूल जिसमे एस.एस गर्ल्स कॉलेज, नगर परिषद एस.एस गर्ल्स हाईस्कूल, महावीर मारवाड़ी स्कूल , पेट्रोल पंप, नई प्रशासकीय इमारत व मुख्य बाजार परिसर होने के साथ ही कॉलेज में 400 विद्यार्थी भी अध्ययन करते हैं तथा मेडिकल कॉलेज वह जिला चिकित्सालय की इमारत में सैकड़ों कर्मचारी के साथ प्रतिदिन 400 से 500 मरीज मौजूद रहते हैं जिसके चलते कर्मचारियों में दबी जबान में असंतोष निर्माण हो रहा है।शासन के नियमानुसार किसी भी प्रकार का प्लांट लगाने के पूर्व इन बातो की निरीक्षण रिपोर्ट बनाई जाती है। लेकिन गोंदिया में लगने वाले प्लांट के लिए संबंधित विभाग द्वारा इस मामले की रिपोर्ट के बारे में अब तक किसी भी प्रकार का खुलासा नहीं किया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए ऑक्सीजन की आवश्यकता बता कर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। जबकि वर्तमान समय में कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। जिले में जब कोरोना चरम पर था तो मात्र 130 से 150 सिलेंडर की आवश्यकता 24 घंटों में होती थी। जबकि वर्तमान समय में 24 घंटों के दौरान 30 से 40 सिलेंडर(दो सौ से ढाई सो क्यूबिक मीटर) ही लग रहे हैं। जबकि प्लांट का निर्माण होने पर उसमें से प्रतिदिन 400 सिलेंडर( पच्चीस सौ से तीन हजार क्यूबिक मीटर) का उपयोग होना आवश्यक है।
अदानी के सीएसआर फंड से मिला फंड का दुरुपयोग
शासकीय मेडिकल कॉलेज में लगने वाला ऑक्सीजन प्लांट अदानी फाउंडेशन के सी.एस.आर फंड से प्राप्त हुआ है विशेष यह है कि प्लांट की जितनी आवश्यकता नहीं है उतनी मेडिकल कॉलेज के अन्य कमी वाली व्यवस्थाओं को दूर कर इस फंड का सदुपयोग किया जा सकता था लेकिन प्लांट लगाने से किस का लाभ होगा किसको हानि होंगी इस पर विचार ना कर फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है।
वर्तमान समय में 1000 सिलेंडर उपलब्ध
कोरोना काल ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए करोड़ों रुपए की निधि से करीब 1000 सिलेंडरों की खरीदी की गई थी जिसमें करीब 7हजार क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन का स्टाक रखा जा सकता है। लेकिन खरीदे गए सिलेंडर को कबाड़ बनाकर करोड़ों रुपए का शासन को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कभी भी दुर्घटना का कारण बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट का का निर्माण किया जा रहा है।
नियमों का पालन कर हो रहा निर्माण
शासकीय मेडिकल कॉलेज में शासन के दिशा निर्देश अनुसार ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज व जिला चिकित्सालय में प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिसके लिए मुंबई के पेट्रोलियम विस्फोटक विभाग व संबंधित विभागों का ना हरकत प्रमाणपत्र मिलने पर ही शुरू होगा।
नरेश तिरपुड़े डीन शासकीय मेडिकल कॉलेज गोंदिया
गोंदिया शासकीय मेडिकल कॉलेज में नियमों को ताक पर रखकर ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण, भविष्य में गंभीर हादसों की संभावना





