दो नाबालिगों का विनयभंग आरोपी बुधराम चाचेरे को 5 वर्ष सश्रम कारावास, विशेष पास्को फास्टट्रैक न्यायालय ने सुनाई सजा

बुलंद गोंदिया। गोरेगांव पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम चौपा निवासी आरोपी बुधराम उर्फ बुधिया चाचेरे को दो नाबालिगों का विनयभंग करने का दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश तथा विशेष जल्द गति( फास्ट ट्रेक ) न्यायालय के न्यायाधीश शुभदा तूड़नकर द्वारा बाल लैंगिक अत्याचार प्रतिबंधक कानून 2012 की धारा 8, 10, 12 तथा भादवि की धारा 354 के तहत दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 6500 रु का जुर्माना लगाया। प्रकरण इस प्रकार है कि वर्ष 2015 में आरोपी द्वारा दो नाबालिगों को फुगे दिलाने का लालच देकर गांव के बाहर झाड़ियों में ले जाकर उनके कपड़े उतार कर विनयभंग किया था। उपरोक्त मामले में पीड़िता के माता-पिता द्वारा गोरेगांव पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया था। उपरोक्त प्रकरण में सरकार की ओर से विशेष सरकारी वकील कृष्णा पारधी, जिला सरकारी वकील महेश चंदवानी ने आरोप सिद्ध करने के लिए पैरवी की तथा 12 गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया ,साथ ही उपरोक्त प्रकरण में पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे के मार्गदर्शन में पुलिस थाना गोरेगांव की महिला पुलिसकर्मी संगीत कडव ने सहयोग किया।

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