बुलंद गोंदिया। नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र परियोजना के संरक्षण प्रतिष्ठान नियामक मंडल की वार्षिक बैठक वन मंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित की गई। बैठक में अर्जुनी-मोरगांव के विधायक एवं पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बडोले ने नवेगांव बांध पर्यटन परिसर, माधवझरी और मुरदोली पर्यटन गेट के विकास के लिए राज्य योजना से निधि उपलब्ध कराने सहित पांच प्रमुख मांगें रखीं।
बडोले ने कहा कि नवेगांव बांध क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के आदर्श इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकास आराखड़े को शीघ्र मंजूरी देकर पर्याप्त निधि उपलब्ध कराना आवश्यक है। यह परियोजना पद्मश्री स्व. मारोतराव चितमपल्ली के प्रकृति प्रेम, वनसंवर्धन और पक्षी अध्ययन के विचारों से प्रेरित है।
वन्यजीव बचाव एवं उपचार केंद्र:
घायल और बीमार वन्यजीवों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नवेगांव बांध में बचाव एवं उपचार केंद्र शुरू किया जाए।
एआई कैमरों की व्यवस्था: मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और किसानों व ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरे लगाए जाएं।
अस्थायी मजदूरों को सुरक्षा: जंगल में कार्यरत अस्थायी मजदूरों को बीमा सुरक्षा, आवश्यक सुरक्षा सामग्री और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाए।
महिला बचत समूहों को रोजगार: माधवझरी पर्यटन गेट पर स्थानीय महिला बचत समूहों को पर्यटन सेवाओं, स्थानीय उत्पादों और अतिथि सुविधाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर दिए जाएं।
प्रकृति संरक्षण के साथ रोजगार पर जोर
बडोले ने कहा कि नवेगांव-नागझिरा क्षेत्र जिले की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जैव विविधता का संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। पर्यटन विकास से स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार के अवसर मिलने चाहिए और वन्यजीव संरक्षण भी मजबूत होना चाहिए।
उन्होंने वन मंत्री से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर नवेगांव बांध को राष्ट्रीय स्तर के आदर्श इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने की मांग की।





