गोंदिया जिले के ढाबों में अवैध शराब का कारोबार आबकारी विभाग की छत्रछाया में फल फूल रहा व्यवसाय

बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के सभी तहसीलों के महामार्गों के किनारे स्थित ढाबो में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बिक्री का कारोबार आबकारी विभाग की छत्रछाया में फल फूल रहा है। जिसके चलते विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है की महाराष्ट्र में शराब बिक्री वह पीने के लिए शासन द्वारा जारी किए गए लाइसेंस लेना अनिवार्य है किंतु जिस विभाग को इन सब पर नियंत्रण रखना है वे ही अवैध व्यवसाय को बढ़ावा देता हुआ गोंदिया जिले में नजर आ रहा है। गोंदिया जिले के सभी महामार्गों पर स्थित व गोंदिया शहर से लगे ढाबोंमें बड़े पैमाने पर अवैध रूप से शराब की बिक्री के मामले सामने आ रहे हैं जहां ढाबा संचालक द्वारा वहां आने वाले ग्राहकों को शराब की बिक्री करने के साथ ही वहां बैठकर पीने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

काफी समय से हो रही बिक्री
गोंदिया जिले के मार्गो के किनारे स्थित अधिकांश ढाबों व होटलों में अवैध रूप से शराब बिक्री का व्यवसाय बड़े पैमाने पर चल रहा है जिसे आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां हो रही है क्या विभाग को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है या फिर इन पर कार्रवाई का अभाव किसी और वजह से है, इन सभी सवालों का जवाब विभाग को देना होगा।

नकली शराब की बिक्री की भी संभावना
गोंदिया जिले में पहले भी देशी विदेशी नकली शराब के बड़े मामले सामने आए हैं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संभावना जताई जा रही की उपरोक्त ढाबों पर नकली देशी विदेशी शराब की भी बिक्री जोरों पर की जाती है।

मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से तस्करी
गोंदिया जिले से लगे मध्य प्रदेश वह छत्तीसगढ़ राज्य से भी बड़े पैमाने पर शराब की अवैध तस्करी के मामले सामने आते हैं जिसे यह तस्करी की शराब इन ढाबों के माध्यम सेकरने का कार्य किया जाता है इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

सीमावर्ती जिला होने के कारण अवैध शराब के आवाजाही पर निगरानी रखना प्रशासन व आबकारी विभाग के एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है लेकिन इस और आबकारी विभाग द्वारा अनदेखी किए जाने के भी मामले सामने आ रहे हैं।

कार्यवाही कितनी नहीं दी जानकारी

तिरोडा बालाघाट रोड से देवरी मार्ग तक अवैध कारोबार
स्थानीय स्तर पर लगाये गए आरोपो के अनुसार बालाघाट रोड, तिरोडा रोड, गोरेगांव रोड, चुटिया, पगड़ी, सालेकसा मार्ग ,देवरी और गोरेगांव सहित सभी प्रमुख मार्गों पर कुछ भागों में अवैध शराब उपलब्ध करवाई जा रही है। आरोप यह की कुछ स्थानों पर ढाबा संचालक भोजनालय की आड़ में शराब बिक्री वह सेवन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं यदि ऐसा है तो यह आबकारी नियमों व अन्य संबंधित कानून के पालन को लेकर गंभीर प्रश्न निर्माण करता है।

अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका पर भी आरोप
अवैध शराब बिक्री में आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं जिले में कुछ लोगों द्वारा अधिकारियों कर्मचारियों के नाम लेकर संरक्षण देने वह अवैध वसूली आरोप लगाए गए हैं जिसमें मुख्य रूप से गोंदिया शहर के आबकारी निरीक्षक अनिल झुमरे , उप निरीक्षक धीरज सव्वालाखे, गोंदिया ग्रामीण के निरीक्षक अगड़े वह देवरी के निरीक्षक सादमिक का समावेश है। इसके साथ ही गोंदिया में अब तक कार्यरत हवलदार शैलेश डिबे जिनका तबादला हो चुका है उसके बावजूद भी वह गोंदिया में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली कर रहा है। इन सब मामलों की जांच की जाने चाहिए यदि आरोप सही पाया जाता है तो यह विभागीय अनुशासन और वह भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला है ऐसे आरोप की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जाने की आवश्यकता है लेकिन जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का वाली स्थिति आबकारी विभाग में चल रही है।

अधीक्षक ने जानकारी देने में की टालमटोल
गोंदिया जिले में चल रहे अवैध शराब बिक्री के संदर्भ में जब राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की अधीक्षक मनोहर अंचुले से मोबाइल से संपर्क कर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने में टालमटोल की जिस मामले की इस संदर्भ में अधीक्षक की सही प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो पाई।

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