अतिक्रमण से मुक्त हो पाएगा गोंदियाॽ 3 जून से चलने वाला बुलडोजर नहीं चला नगर परिषद प्रशासन की चेतावनी पर लगे सवालिया निशान

बुलंद गोंदिया। गोंदिया शहर के अस्थाई अतिक्रमण पर 3 जून से नगर परिषद द्वारा की जाने वाली कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई जिससे नगर परिषद के अतिक्रमण की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है। नागरिकों द्वारा नगर परिषद की इस कार्य प्रणाली पर प्रश्न निर्माण किया जा रहे हैं। चुनावी आदर्श आचार संहिता के नाम पर कार्रवाई शुरू नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गौरतलब है की गोंदिया शहर के संपूर्ण क्षेत्र में स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण बड़े पैमाने पर कर संपूर्ण शहर को अतिक्रमणकारियो के शहर के रूप में पहचान निर्माण की है जिस पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिनों पूर्व नोटिस देकर 3 जून से अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की कड़ी चेतावनी देते हुए बुलडोजर चलाने का कड़ा संदेश दिया था ,लेकिन 3 जून को जब संपूर्ण शहर में अतिक्रमण की कार्रवाई के लिए नगर परिषद के दल का इंतजार किया जा रहा था तो नगर परिषद का दल करवाई के लिए कार्यालय से निकला ही नहीं था।
इस संदर्भ में जानकारी प्राप्त करने पर मुख्या धिकारी व नगर परिषद के अभियंता द्वारा जानकारी दी गई थी आदर्श चुनावी आचार संहिता के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा बंदोबस्त उपलब्ध नहीं करवाया गया इस कारण अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी।

विधान परिषद चुनाव से आम नागरिकों का प्रत्यक्ष संबंध नहीं
वर्तमान में विधान परिषद के चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू की गई है उपरोक्त चुनाव से नागरिकों का प्रत्यक्ष चुनावी वास्ता नहीं है जिससे आदर्श आचार संहिता नागरिकों के कार्यों पर लागू नहीं होती लेकिन कार्यवाही नहीं करने हेतु आदर्श आचार संहिता लागू होने की आड़ लेकर नगर परिषद प्रशासन द्वारा अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू की नहीं की गई। जिससे नागरिकों द्वारा नगर परिषद की चेतावनी देने के पश्चात कार्रवाई शुरू नहीं करने व आदर्श आचार संहिता के चलते पुलिस बंदोबस्त नहीं मिलने के कारण अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू नहीं करने पर प्रश्न चिन्ह निर्माण किया जा रहा है ।

अतिक्रमण मुक्त क्या हो पाएगा गोंदिया
जब भी नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण या अन्य कोई शहर के हितों की कार्रवाई की जाती तो शहर की गंदी राजनीति के चलते इन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की जाती जिसके चलते नागरिकों द्वारा प्रशासन से प्रश्न किया जा रहा है कि क्या गोंदिया शहर अतिक्रमण से मुक्त हो पाएगा या फिर वही स्थिति बरकरार रहते भविष्य में और अधिक अतिक्रमण की पीड़ा को झेलना होगा।

अनेक वर्षों से नहीं हुई कार्रवाई
गोंदिया शहर में राजनीति में एक दूसरे पक्ष को नीचा दिखाने वह खुद श्रेय लेने के चलते अनेक वर्षों से शहर में अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं हो पाई जिससे शहर के प्रमुख मार्गो को अतिक्रमण के राक्षस द्वारा निगल लिया गया है।

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