किंडगीपार शराब बंदी आंदोलन ग्रामीणों ने पुलिस दल पर किया पथराव 20 से 25 पुलिसकर्मी घायल

बुलंद गोंदिया। (संवाददाता आमगांव)- आमगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम किंडगीपार में शराब दुकान को बंद करने के लिए चल रहे आंदोलन में मुख्य आंदोलनकर्ता को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा पुलिस दल पर पथराव कर दिया जिससे करीब 20 से 25 पुलिसकर्मी गंभीर व मामूली रूप से जख्मी हुए उपरोक्त घटना 6 अप्रैल के शाम 5:30 से 6:30 बजे केदौरान घटित हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आमगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले किंडगीपार में शुरू शराब दुकान को हमेशा के लिए बंद करने के लिए चल रहा आंदोलन अब खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। आंदोलनकारीयो द्वारा 20 मार्च को तहसील कार्यालय के समक्ष आंदोलन कर 10 अप्रैल तक शराब दुकान बंद करने की चेतावनी दी थी, दुकान बंद नहीं होने पर रास्ता रोको, रेल रोको वह सामूहिक आत्मदाह आंदोलन की चेतावनी मुख्य आंदोलनकारी संतोष दोनोंडे वह ग्राम की महिलाओं द्वारा दिया गया था।


इस संदर्भ में पुलिस प्रशासन द्वारा 5 अप्रैल को प्रतिबंधक कार्रवाई कानून व सुरक्षा बनाए रखने के लिए धारा 168 का नोटिस देने एक महिला पुलिस कर्मी व 2 कांस्टेबल गए थे किंतु आंदोलनकारी दोनोंडे द्वारा नोटिस लेने से मना कर दिया गया था जिसपर बहस होने पर हाथापाई में की नौबत आ गई थी तथा नोटिस को पुलिस कर्मियों के सामने ही फाड़ दिया गया था तथा उन्हें घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
पुलिस कर्मियों के साथ इस हाथापाई की वजह से पुलिस प्रशासन कड़ी भूमिका में सामने आकर संतोष दोनोंडे उसकी पत्नी व बेटों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा निर्माण करने का मामला दर्ज कर 6 अप्रैल को गिरफ्तार करने के लिए दल बल सहित ग्राम में पहुंचे लेकिन पूरा परिवार घर से फरार हो गया था।


पुलिस दल द्वारा उसकी तलाश कर शाम को गिरफ्तार किया
आंदोलनकारी दोनोडे के गिरफ्तार होते ही आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा पुलिस दल पर पथराव कर दिया पुलिस निरीक्षक प्रवीण डांगे महिला पुलिस उप निरीक्षक मनीषा रघुनाथ निकम सहित लगभग 20 से 25 पुलिस कर्मचारी जिसमें महिला पुलिस कर्मियोंयो का भी समावेश था।
चार से पांच पुलिसकर्मी ज्यादा जख्मी होने पर उन्हें गोंदिया के शासकीय चिकित्सालय में रेफर किया गया वह शेष जख्मी कर्मचारियों का आमगांव के उप जिला चिकित्सालय में उपचार किया गया।

आमगांव थाने के सामने नागरिकों का धरना
इस घटना के पश्चात किंडगीपार के नागरिक आमगांव पुलिस थाने के समक्ष जमा होने लगे किंतु पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा व्यवस्था कर 50 मीटर की दूरी पर ही ग्रामीणों को रोका गया तथा आमगांव पुलिस थाना छावनी में तब्दील हो चुका है.
पुलिस अधीक्षक पहुंचे आमगांव
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे अपने दल सहित आमगांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
10 अप्रैल डेडलाइन
आंदोलनकारी द्वारा 10 अप्रैल तक दुकान बंद करने की अंतिम चेतावनी दी है यदि दुकान बंद नहीं होती तो रेल रोको आंदोलन, पटरी पर सोने की चेतावनी, आंदोलनकारी द्वारा दी गई है यदि स्थिति इसी प्रकार निर्माण रही तो गोंदिया आमगांव में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति निर्माण हो सकती है।
बच्चों को बनाया दल ढाल
किंडगीपार में ग्रामीणों द्वारा पुलिस कर्मियों पर हमले के दौरान सामने बच्चों को ढाल बनकर खड़ा किया गया था। जिससे पुलिस दल द्वारा ग्रामीणों पर बचाव के लिए हमला नहीं कर पाया गया इस प्रकार की जानकारी जख्मी महिला पुलिस कर्मी द्वारा दी गई है।

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