किडंगीपार प्रकरण -मुख्य आरोपी सहित 80 से 90 आंदोलनकारीयो पर मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपियों की 3 दिन की पुलिस हिरासत

बुलंद गोंदिया। ( संवाददाता आमगांव)- आमगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले किडंगीपार ग्राम में चल रहे शराब बंदी आंदोलन के दौरान 6 अप्रैल को ग्रामीनो व पुलिस दल के बीच हुई पत्थर बाजी और लाठी चार्ज में मुख्य आरोपी सहित 80 से 90 आंदोलनकारीयो पर मामला दर्ज किया गया तथा गिरफ्तार तीन आरोपियों की तीन दिन की पुलिस हिरासत न्यायालय द्वारा दी गई।

गौरतलब है की आमगांव तहसील के किडंगीपार की शराब दुकान को बंद करने की मांग ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
10 अप्रैल को रेल रोको आंदोलन व सामूहिक आत्म दहन की चेतावनी के पश्चात 6 अप्रैल को आंदोलन कार्यों को गिरफ्तार करने गए पुलिस दल पर आक्रोशित आंदोलनकरियो द्वारा पत्थर बाजी की गई थी। इस संघर्ष में 6 पुलिस अधिकारी व 35 कर्मचारियों सहित अनेक ग्रामीण जख्मी हो गए थे।
इस प्रकरण में गिरफ्तार तीन आरोपियों को 7 अप्रैल को आमगांव न्यायालय में पेश किया गया जहां उन्हें 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

उल्लेखनीय है कि ग्राम के विकास व युवाओं को व्यसन से मुक्त रखने के लिए शराब बंदी आंदोलन शुरू किया गया था इस आंदोलन में मुख्य आंदोलनकारी संतोष दोनोंडे वह उनके परिवार को प्रतिबंधक करवाई धारा 168 का नोटिस देने गए पुलिस कर्मियों व परिवार के बीच विवाद हुआ जिससे आक्रोशित आंदोलनकारी द्वारा 168 कलम के नोटिस को फाड़ा गया वह पुलिस कर्मियों के साथ धक्का मुक्की कर घर से बाहर निकाला गया जिससे शासकीय कार्यों में बाधा निर्माण करने के तहत अपराध दर्ज कर 6 अप्रैल को संतोष दोनोंडे सहित उनके परिजनों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दलबल सहित ग्राम में पहुंची जिससे आक्रोशित ग्रामीणों व आंदोलनकारी द्वारा पुलिस पर पत्थर बाजी शुरू कर दी।
जिस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस द्वारा भी लाठी चार्ज किया गया जिसमें गंभीर रूप से जयश्री गांढ़बाधे, सुरेखा अवताडे, श्याम ब्राह्मणकर, मनीषा निकम, प्रवीण डांगे सहित अनेक कर्मचारी जख्मी हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे उप अधीक्षक अभय डोंगरे द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर विभिन्न राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति में जमा भीड़ के साथ शांति का आवाहन कर स्थिति को नियंत्रण में लाया गया ।
उपरोक्त प्रकरण में फरियादी मनीषा निकम की शिकायत पर मुख्य आरोपी संतोष दोनों ने सहित 80 से 90 आंदोलनकारी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा बी एन एस 132 221 (1 ), 221 (2 ), 352 , 189 (2 ), 189(3 ),189(4 ), 190 , 191 , 191 (1 ), 191 (2 ), 191 (3 ), 61 (2 ), 126 (2 के तहत मामला दर्ज किया गया।
उल्लेखनीय है कि मजदूर व किसानो की बस्ती किडंगीपार ग्राम में दारु शराब मुक्त के लिए मतदान लेने की मांग कायम है।
गिरफ्तार तीन आंदोलनकारी को न्यायालय में पेश किया गया जहां उन्हें 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया विशेष यह है कि 10 अप्रैल को शराब दुकान बंद करने की अंतिम डेट लाइन होने के चलते पुलिस प्रशासन वह प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है

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