बुलंद गोंदिया। गोंदिया के प्रभारी उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र सदाशिव केसकर उम्र 53 वर्ष वह दलाल राजेश रामनिवास माहेश्वरी 57 वर्ष को 70हजार रूपए की रिश्वत के मामले में नागपुर एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा 4 दिसंबर गुरुवार को की गई कार्रवाई में रंगे हाथों धर दबोचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता गोंदिया निवासी 39 वर्षीय व्यक्ति द्वारा पश्चिम बंगाल से एक जेसीबी वाहन खरीदी कर उप्रदेशिक परिवहन कार्यालय गोंदिया में पंजीयन करने के लिए आवेदन किया था।
जिस पर टैक्स के अलावा 70000 रुपए रिश्वत की मांग प्रभारी उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र सदाशिव केसकर द्वारा की गई थी इस प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की राशि न देने की मंशा लेकर 18 नवंबर को एंटी करप्शन ब्यूरो नागपुर में शिकायत की थी।
जिसकी जांच 19 नवंबर 2025 को की गई जिसमें निजी व्यक्ति दलाल राजेंद्र माहेश्वरी द्वारा पंचों के समक्ष उपप्रदेशिक परिवहन अधिकारी गोंदिया के नाम से 70000 की रिश्वत की मांग की सहमति दर्ज करी थी।
तथा 25 नवंबर को उप्रदेशिक परिवहन अधिकारी गोंदिया की जांच किए जाने पर निजी व्यक्ति के मध्यम द्वारा रिश्वत की राशि के लिए प्रोत्साहित किया था।
इस प्रकरण में 4 दिसंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए पांचों के समक्ष 70हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए निजी व्यक्ति राजेश रामनिवास मा हेश्वरी को रंगे हाथों धर दबोचा गया।
इस दौरान आरोपी की तलाशी लिए जाने पर19050 रुपए वह दो मोबाइल भी जप्त किए गए तथा आरोपी के घर की तलाशी सुरु कर उपरोक्त प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायतकर्ता सरकार की ओर से अनिल जिटटावार, पुलिस उप अधीक्षक नागपुर द्वारा ग्रामीण पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई।
पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम 1988 सुधा रित 2018 की धारा 7व 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की उपरोक्त करवाई अनिल जिटटावार, पुलिस उप अधीक्षक नागपुर जितेंद्र वैरागडे पुलिस निरीक्षक वह उनकी टीम द्वारा की गई।






