बुलंद गोंदिया। गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति विभिन्न समस्याओं के अंबार व बद्हाल स्थिति के बीच 8 सितंबर को होने वाली आमसभा में शेतकरी विश्रामगृह का निर्माण नहीं, नई सब्जी मंडी शुरू नहीं, किसानो व व्यापारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ऐसे ज्वलंत प्रश्न क्या सभासदों द्वारा संचालको के समक्ष रख इनका हल करने की मांग की जाएगी या आम सभा सिर्फ दिखावा साबित होगी इस पर किसानों वह व्यापारियों की नज़रें टिकी हुई है।
गौरतलब है की गोंदिया जिले की किसानों की सबसे बड़ी संस्था गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति के चौमुखी विकास का वादा कर वर्तमान में संचालक मंडल 2 वर्ष पूर्व सत्ता पर काबिज हुआ था,लेकिन इन दो वर्षों में बाजार समिति की स्थिति और बद्हाल अवस्था में दिखाई दे रही है।
बाजार समिति में अपनी कृषि उपज बिक्री के लिए आने वाले किसानों के विश्राम के लिए शेतकरी विश्रामगृह के निर्माण का वादा किया गया था लेकिन अब तक विश्रामगृह का नामोनिशान नहीं दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही बाजार समिति की विभिन्न समस्यायो में नई सब्जी मंडी (गौशाला वार्ड ) करोड़ों रुपए की लागत से बनकर तैयार हो चुकी है लेकिन अब तक चिल्लर सब्जी बाजार शुरू नहीं हो पाया ।जिसके कारन आज भी आम नागरिको को बारिष में गंदगी के वातावरण ओर महिलाओ को बेवजह धक्कामुक्की का सामना करते सब्ज्जी खरीदनी पड़ती है।
किसानो व व्यापारियों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं, जलपान के लिए कैंटीन सुरु नहीं ,काटी मवेशी बाजार में वसूली में मनमानी वह कर्मचारियों की भर्ती में अनियमितता जैसे प्रमुख विषय जटिल प्रश्न बनकर खड़े हैं।
इन सभी ज्वलंत प्रश्नों के बीच सोमवार 8 सितंबर को बाजार समिति की आमसभा होने जा रही है तो क्या इस आम सभा में बाजार समिति के सभासदों द्वारा संचालकों से इसका प्रश्न पूछ कर इन समस्याओं का निराकरण करने का जवाब माँगा जाएगा या सिर्फ यह आमसभा भी मात्र दिखावा बनकर रह जाएंगी इस पर किसानों व व्यापारियों की नज़रें टिकी हुई है।
शेतकरी विश्राम ग्रह का निर्माण नहीं
वर्तमान में सत्ता पर काबिज संचालक मंडल द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में मनोहर भाई पटेल यार्ड में नया किसान शेतकरी विश्रामगृह के निर्माण का वादा किया गया था लेकिन 2 वर्षों में विश्रामगृह का वि कहीं भी नजर नहीं आ रहा है।
पुलिस चौकी लेकिन कर्मी नहीं निजी सुरक्षा कर्मी नदारद
कृषि उत्पन्न बजार समिति मनोहर भाई यार्ड में किसानों व व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी शुरू की गई थी ,लेकिन अब वहां पर पुलिसकर्मी उपस्थित नहीं रहते इसके साथ ही बाजार समिति द्वारा नियुक्त किए गए सुरक्षाकर्मी भी नदारद रहते हैं जिससे किसानों वह व्यापारियों के उपज व उनकी सुरक्षा पर खतरा बना रहता है साथ ही आये दिन चोरी व लूटपाट की घटनाये होती रहती है।
एक संचालक ने अपनी मित्र को कैंटीन के नाम पर जगह दिलाई लेकिन कैंटीन शुरू नहीं
वर्तमान संचालक मंडलों में एक संचालक द्वारा अपनी मित्र को अनाधीकृत रूप से अपने निजी स्वार्थ के लिए कैंटीन के लिए जगह तो उपलब्ध करवाई गई है,किन्तु अब तक सुरु ही नहीं हुई व जिसका किराया भी 2 वर्षों में बाजार समिति को न देकर समिति को चूना लगाया जा रहा है तथा किसानों को कैंटीन के नाम पर सिर्फ लॉलीपॉप दिया जा रहा है।
काटी मवेशी बाजार में अवैध वसूली
कृषि उत्पन्न बाजार समिति गोंदिया द्वारा संचालित काटी मवेशी बाजार में विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध वसूली की जा रही है जिसमें रसीद जीतने की दी जाती है उससे कई गुना अधिक किसानों से वसूल किया जा रहा है।
कर्मचारियों को परमानेंट व भर्ती करने में भारी लेनदेन
बाजार समिति के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को परमानेंट करने व भर्ती के नाम पर भारी लेनदेन कर निजी स्वार्थ के लिए नियम बाहय भर्ती की गयी ।
चुनाव में किए गए वादे भूले
वर्तमान संचालक मंडल द्वारा सत्ता पर आने के लिए विभिन्न लुभावने वादे किए गए थे लेकिन दो वर्षों में सत्ता के मद में इतने चुर हो गए कि किसानों वह व्यापारियों के हित के लिए किए गए वादों को भूलकर मनमानी की जा रही है।





