जन सहभागिता से पौधारोपण डोंगरगांव पहाड़ी परिसर में 20 हजार बीजबॉल का छिड़काव

बुलंद गोंदिया। सामाजिक वनीकरण विभाग गोंदिया द्वारा डोंगरगांव पहाड़ी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों के बीज बॉल का छिड़कावजन सहभागिता से किया गया ।
गौरतलब है की वनों में पेड़ पौधों की संख्या को बढ़ाने व पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए विभिन्न प्रकार से पौधारोपण किया जाता है, जिसमें एक सीट बाल का निर्माण कर उसका छिड़काव जंगल परिसर में किया जाता है।
इसी के अंतर्गत गोंदिया सामाजिक वनीकरण विभाग द्वारा विभिन्न प्रजातियों के करीब 20हजार सीडबाल का निर्माण मई -जून माह में किया गया जिसमें नीम, जामुन, शिसम , बेल, आंजन, आम व अन्य फल वह वन संपदा के पौधों के बीच का इन सीडबालो में समावेश था।

उपरोक्त कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व बरगद के वृक्ष की पूजा अर्चना कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपवन संरक्षक पवन कुमार जोंग,विभागीय वन अधिकारी तुषार ढमढेरे, एम.बी.पटेल कॉलेज साकोली (सेवानिवृत्त) डॉ. एल.पी.नागपूरकर, सहायक वनसंरक्षक पी.एस.तडस, मानद वन्यजीव रक्षक सावन बहेकार, हिरवळ संस्था के अध्यक्ष रुपेश निंबार्ते, वनपरिक्षेत्र अधिकारी शेषराज आकरे, राष्ट्रीय माध्यमिक व कनिष्ठ महाविद्यालय डोंगरगाव प्राचार्य व्ही.एस.काठवटेतथा राष्ट्रीय माध्यमिक व कनिष्ठ महाविद्यालय, डोगरगाव के .शिक्षक व विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन वन परिक्षेत्र अधिकारी तिरोडा एस के आकरे ने किया तथा इस सफल आयोजन के लिए सामाजिक वनीकरण के गोंदिया वनरक्षक महेंद्र सूर्यवंशी ने अपनी भूमिका महत्वपूर्ण भूमिका निभाई साथ ही उपस्थित लोगों को जलपान व फल देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
पर्यावरण संरक्षण व वन्य जीवों को मिलेगी खाद्य सामग्री
वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने के लिए सीड बाल का उपयोग किया जाता है जिसमें जिसका छिड़काव मानसून के दौरान करने से बड़ी संख्या में पौधे विकसित होते हैं तथा भविष्य में इन विकसित पौधों से पर्यावरण का संरक्षण होने के साथ ही वन्य जीवों को भी खाद्य सामग्री उपलब्ध होती है जिससे वन्य जीव व मानव संघर्ष में कमी लाई जा सकती है।

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