विधायक विनोद अग्रवाल ने अतिवृष्टि ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर प्रशासन को पंचनामा कर मुआवजा दिलाने कार्रवाई करने का दिया निर्देश

बुलंद गोंदिया। गोंदिया शहर में अतिवृष्टि के चलते निचले क्षेत्रों में पानी भरने की घटना बड़े पैमाने पर सामने आई जिसमें सैकड़ो में घरों में पानी घुस गया जिससे नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा जिसे देखते हुए गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल द्वारा शनिवार 26 जुलाई की सुबह बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर प्रशासन को तत्काल पंचनामा कर नुकसान ग्रस्तों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है की गोंदिया शहर में 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अतिवृष्टि दर्ज की गई हैजिसके कारण संपूर्ण शहर जलमग्न हो गया तथा सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
इस भारी बारिश के चलते शहर के प्रमुख स्थलों के साथ-साथ चारों तरफ जल भरावन की स्थिति निर्माण हो गई जिसे देखते हुए विधायक विनोद अग्रवाल द्वारा 26 जुलाई की सुबह इन क्षेत्रों का दौरा करने स्वयं पहुंचे तथा उनके साथ तहसीलदार ग्रामीण व तहसीलदार अपर के साथ नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे। इस दौरान निरीक्षण करके करने के साथ उपस्थित अधिकारियों को आपदा ग्रस्त क्षेत्र का तत्काल पंचनामा कर नुकसान ग्रस्तों को मुआवजा दिलवाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।


बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र
गोंदिया शहर में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अनेक क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्माण हो गई जिसमें मरारटोली, गजानन कॉलोनी, पांडे लेआउट, रिंग रोड अवंती चौक, न्यू लक्ष्मी नगर, गणेश नगर में क्षेत्र की बस्तियों में घरों में पानी घुस गया जिससे नागरिकों के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, राशन वह कपड़ों का भारी नुकसान हुआ है जिससे उनके सामने आर्थिक संकट की समस्या निर्माण हो गई है।

विनोद अग्रवाल ने किया अपील
जिन नागरिकों का नुकसान हुआ है वह अपने नुकसान ग्रस्त माकन सामान की जीपीएस लोकेशन की फोटो खींचकर सुरक्षित रखें तथा नुकसान की जानकारी पटवारी नगर परिषद कार्यालय में दर्ज करवाये साथ ही मौके पर आए अधिकारियों को दिखाएं ताकि पंचनामे में नाम दर्ज हो सके वह नुकसान ग्रस्तों को मुआवजा मिल सके।

तहसील प्रशासन को निर्देश
निरीक्षण के दौरान तहसील प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन के संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शहर की जल निकासी की व्यवस्था को में सुधार किया जाए प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में सर्वे टीम पीड़ित परिवारों की सूची 48 घंटे में तैयार व स्वच्छता अभियान युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।

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