बुलंद गोंदिया। पुरानी पेंशन शुरू करने व विभिन्न 20 मांगों को लेकर 9 जुलाई 2025 को जिला परिषद व राजस्व कर्मचारियों द्वारा एकदिवसीय राज्यव्यापी धरना विरोध आंदोलन किया गया जिसमें गोंदिया जिले के सैकड़ो कर्मचारियों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिलाधिकारी को सोपा।
गौरतलब है की राज्य कर्मचारी व जिला परिषद कर्मचारी द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गत अनेक वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है लेकिन राज्य सरकार द्वारा इस और अब तक किसी भी प्रकार का समाधान कारक जवाब या करवाई नहीं की गई है।
जिसके चलते 9 जुलाई को राजस्व विभाग, जिला परिषद कर्मचारी, नगर परिषद कर्मचारी शासकीय अर्ध शासकीय कर्मचारीयो द्वारा द्वारा एकदिवसीय राज्यव्यापी धरना विरोध प्रदर्शन आंदोलन किया गया।
जिसमें जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आंदोलन कर अपनी मांगों का ज्ञापन सोपा जिसमें मुख्य रूप से कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना शुरू करने के साथ ही 20 विभिन्न प्रमुख मांगों का ज्ञापन सोपा।
उपरोक्त आंदोलन केंद्रीय संगठन के संयोजक लीलाधर पाथोड़े जिला परिषद कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष पीजी सहारे के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
कर्मचारियों के इस आंदोलन को देश के 11 प्रमुख ट्रेड यूनियन ऑन द्वारा समर्थन दिया गया था साथ ही मार्च 2023 में अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन अब तक शासकीय स्तर पर पूरा नहीं किया गया है जिसके चलते कर्मचारियों में आक्रोश भड़क उठा है।
साथ ही राज्य सरकार द्वारा 6 सितंबर 2023 को एक शासकीय निर्णय लेकर राज्य के सभी विभागों में वर्ग 1 से 4 तक ठेका कर्मचारियों को 9 कंपनियों से भारती करने का आदेश दिया है।
जिससे भविष्य में कोई भी शासकीय कर्मचारी नहीं होगा वह सभी ठेका कर्मचारी होंगे जिससे यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।
इसलिए प्रारंभिक 20 मांगों को लेकर धरना आंदोलन धरना आंदोलन प्रदर्शन किया गया है जिसका निवेदन मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से सोपा गया।
इस आंदोलन के दौरान केंद्रीय संगठन के संयोजक लीलाधर पाथोड़े। जिला परिषद कर्मचारी महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष जिला अध्यक्ष पीजी सहारे ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष कमलेश बिसेन,कार्या ध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ,महासचिव संतोष तोमर, कोषाध्यक्ष सुभाष खत्री, भागीरथ नेवारे, चन्द्रशेखर वेद्य, राकेश डोंगरे, रमेश नागपल्लीवार, टी.बी. झांझड, विश्वनाथ कपगते, नंदकिशोर गुरुभले, संतोष तुरकर, सुभाष खत्री, भागीरथ नेवारे, नंदलाल कावले, गुणवंत ठाकुर, प्रो. दर्शन बोरकर, सु.सी.कुंभरे, डब्ल्यू.आर. भंडारकर, डी.एम. कुम्भारे, डी.आर. कटरे, किशोर डोंगरवार, संदीप तिडके, ममता येडे, संदीप मेश्राम, राजेश मेनन, राज कड़व, विदेश सखारे, कुलदीप कापगते, रामेश्वर जमाईवार, योगराज बिसेन, गायक ठाकुर, योगेश रुद्राकर, ओके रहांगडाले सहित जिले के विभिन्न विभागों के सरकारी-अर्धसरकारी, जिला परिषद, शिक्षक-गैर शिक्षक, नगर पालिका-नगर परिषद के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।






