गोंदिया नप वित्त अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन कर पुराने बिलों को रोक नए बिलों का किया भुगतान ठेकेदारों ने जमकर हंगामा कर किया आक्रोश व्यक्त

बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद कि भ्रष्टाचार कार्य प्रणाली के नए-नए मामले नित उजागर हो रहे हैं। 28 फरवरी शुक्रवार को नप के वित्त अधिकारी ने पुराने बिलों को रोककर नियमों का उल्लंघन करते हुए दो एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के लिए तत्काल नए बिलों को बनाकर भुगतान किया जिसकी जानकारी नगर परिषद के ठेकेदारों को मिलने पर कार्यालय में पहुंचकर इसका विरोध कर जमकर हंगामा कर आक्रोश व्यक्त किया।

गोंदिया नगर परिषद में 3 वर्षों से प्रशासक राज के चलते भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है।किसी भी प्रकार से शासन व प्रशासन का डर नगर परिषद के अधिकारियों को नहीं रह गया तथा वह अपनी मनमानी कर रहे हैं।
इसी प्रकार का एक मामला शुक्रवार 28 फरवरी को नगर परिषद के वित्त विभाग में सामने आया जिसमें वित्त अधिकारी स्वप्निल मेश्राम द्वारा दो एजेंसियों से साठ-गाठ कर उनका समय के पहले मनमानी करते हुए बिलों का भुगतान कर बड़े पैमाने पर आर्थिक लेनदेन किए जाने के आरोप का मामला सामने आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया नगर परिषद के अंतर्गत वैशिष्ट पूर्ण योजना के तहत करीब 5 करोड रुपए के रोड, नालियों समाज भवन आदि के कार्य किए गए थे जिसमें करीबन 10 से 15 ठेकेदारों द्वारा कार्य किया गया था। जिनमें अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके थे तथा सभी का भुगतान (यूडी) ऑनलाइन के माध्यम से शासन द्वारा किया जाना था, लेकिन तकनीकी खामियों व ट्रेनिंग के चलते फिलहाल ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पाया था तथा 5 करोड़ में से 50 लाख रुपए की निधि शासन द्वारा ऑफलाइन भुगतान करने के लिए नगर परिषद को उपलब्ध करवाई गई थी।
किंतु उपरोक्त राशि का भुगतान पहले कार्य करने वाले वह पहले बिल बनाने वाले ठेकेदारों को ना कर वित्त अधिकारी स्वप्निल मेश्राम द्वारा मात्र दो एजेंसियों को 50 ला ख रुपए की निधि का भुगतान कर दिया गया।


जबकि अन्य ठेकेदार जिनके कार्य के बिल जनवरी माह से बनकर वित्त विभाग में जमा थे लेकिन 18 फ़रवरी को निधि आने के पश्चात 20 फ़रवरी को एक ही एजेंसी साईं सप्लायर का बील आनन् फानन में बनाकर 40 लाख रुपए का भुगतान वह 28 तारीख को ही एक बिल को बनाकर ललिता कंस्ट्रक्शन का भुगतान किया गया जबकि उपरोक्त पांचो बिलो की संपूर्ण प्रक्रिया नहीं हो पाई थी।
जिस पर बड़े पैमाने पर कमीशन खोरी का मामला सामनेआ रहा है ऐसा आरोप अन्य ठेकेदारों द्वारा लगाते हुए वित्त अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर इस संदर्भ में जब जानकारी मांगी गई तो वित्त अधिकारी स्वप्निल मेश्राम द्वारा टालमटोल का रवैया अपना कर कभी वरिष्ठ अधिकारी कभी जूनियर कर्मचारी पर उंगली उठाते हुए नजर आए तथा इस दौरान बुलंद को दिया को जानकारी देते हुए स्वप्निल मेश्राम ने बताया कि यह उनके वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर बिल बनाकर चेक से भुगतान किया गया है।

मुख्याधिकारी से मिले ठेकेदार
हंगामा काफी बढ़ जाने के बाद सभी ठेकेदारों द्वारा मुख्याधिकारी संदीप चिद्रावार से संपर्क किया गया लेकिन वह भी समाधान कारक जवाब नहीं दे पाए तथा अंत में मात्र संबंधित एजेंसी को किए गए एक बिल का भुगतान रोकने का आदेश वित्त अधिकारी को दिया किंतु अन्य बिलों का भुगतान कब होगा इस बारे में वह भी समाधान कारक जवाब नहीं दे पाए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनाया चेक
वैशिष्ठ पूर्ण योजना के अंतर्गत 50 लाख रुपए की निधि प्राप्त होने पर अपने वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर संबंधित एजेंसी का चेक बनाकर भुगतान किया गया।
– स्वप्निल मेश्राम वित्त अधिकारी नगर परिषद गोंदिया।

जिलाधिकारी से की जाएगी शिकायत
इस हंगामें के दौरान नगर परिषद वित्त अधिकारी के कक्ष में उपस्थित ठेकेदारों द्वारा गोंदिया नगर परिषद में बिलों के भुगतान को लेकर अनियमित तथा भारी कमीशन खोरी कि शिकायत संपूर्ण दस्तावेजों के साथ जिलाधिकारी से किए जाने का निर्णय लिया ।

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