बद्हाल शहर का भ्रमण थार में बैठकर करेंगे मुख्याधिकारी फायर स्टेशन बंद अग्निशमन निधि से 27 लाख के वाहन की खरीदी

बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद प्रशासन ने कर्मचारियों की कमी व उनका वेतन देने के लिए निधि ना होने के चलते न्यू लक्ष्मी नगर फायर स्टेशन को बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर मुख्याधिकारी के घूमने के लिए अग्निशमन सक्षमीकरण निधि से 27 लाख रुपए की कीमत से महिंद्रा थार वाहन की खरीदी की गई है‌। तथा शहर की गंदगी वह अन्य समस्याओं से स्थिति बदल हो चुकी है तथा अब शहर का निरीक्षण इस ऐसो आराम वाले वाहन में बैठकर भ्रमण करने के पश्चात मुख्याधिकारी शहर का विकास करेंगे ‌।

गौरतलब है की नगर परिषद प्रशासन हमेशा ही शहर के विकास के लिए निधि की कमी का रोना रोते रहता है तथा आवश्यक सेवाओं को भी निधि की कमी बात कर रोका जाता है. लेकिन वहीं दूसरी और बेवजह अनावश्यक खर्च कर शासन की निधि को का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हाल ही में शनिवार 22 फरवरी को गोंदिया के मुख्याधिकारी के घूमने के लिए महिंद्रा थार की खरीदी कर लाया गया है तथा यह वहां अग्निशमन विभाग के सक्षमीकरण के लिए सुरक्षित रखी गई निधि से खरीदा गया है।
उपरोक्त निधि से फायर व अग्निशमन संबंधित सुरक्षा उपकरणों को की खरीदी की जानी है लेकिन उपकरणों की खरीदी ना करते हुए 27 लाख रुपए कीमत के वाहन की खरीदी मुख्या धिकारी वह प्रशासक के घूमने के लिए की गई है।


उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मुख्याधिकारी के लिए वर्ष 2020 में बोलेरो वाहन खरीदा गया था जिसकी 5 साल की अवधि ही हुई है।
लेकिन 5 साल के अंदर ही एक और नया वाहन खरीदना प्रशासन की तानाशाही वह मनमानी साफ उजागर करता है क्योंकि एक चौपहियां वाहन शासन के नियम अनुसार 15 वर्षों तक उपयोग किया जाता है।

कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं फायर स्टेशन किया बंद
गोंदिया शहर के बढ़ते विस्तरी करण आग लगने की घटना होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए शहर के उत्तरी क्षेत्र न्यू लक्ष्मी नगर में नए फायर स्टेशन का निर्माण किया गया था। जिसमें ठेकेदारी पद्धति के कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था लेकिन नगर परिषद प्रशासन के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए निधि ना होने के चलते ठेकेदारी कर्मचारियों को बंद किया गया. लेकिन वहीं दूसरी ओर विलासिता के लिएअग्निशमन सक्षमीकरण निधि से 27 ला ख रुपए की कीमत का वाहन खरीदा जाता है।
लेकिन कर्मचारियों को वेतन देने के लिए निधि नहीं बताई जा रही साथ ही अग्नि सामान सुरक्षा उपकरणों की खरीदी के बदले विलासिता के लिए वाहन की खरीदीकी गयी है जिससे इस वाहन खरीदी में भी गड़बड़ी की संभावना बड़े पैमाने पर जताई जा रही है।

मात्र 18 कर्मचारी कर रहे 12-12 घंटे कार्य
गोंदिया शहर का विस्तार काफी हो चुका है शहर के साथ-साथ संपूर्ण जिले में आग लगने की घटना होने पर गोंदिया से अग्निशमनवाहन जाते हैं लेकिन मात्र 18 कर्मचारियों के भरोसे अग्निशमन विभाग चल रहा है।
9- 9 कर्मचारियों की 12-12 घंटे ड्यूटी लगाई जा रही है जिससे वह काफी मानसिक परेशानियों से गुजर रहे हैं कभी भी बड़ी घटना होने पर मानसिक परेशानियों से त्रस्त कर्मचारियों द्वारा कार्य किए जाने पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

शहर में मच्छरों का आतंक छिड़काव नहीं लेकिन विलासिता पुरी

गोंदिया शहर में मच्छरों का आतंक काफी बड़ा हुआ है लेकिन नगर परिषद प्रशासन के पास मच्छरों की दवा छिड़काव करने के लिए निधि नहीं है वहीं दूसरी ओर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के घूमने के लिए महंगे वाहन की खरीदी की गई है।

गटर योजना का अधूरा कार्य सड़के टूटी-फूटी
एक और नेताओं द्वारा शहर में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर गटर योजना के अधूरे कार्य के चलते शहर की अधिकांश सड़के टूटी-फूटी हुई है उस और ध्यान न देकर मात्र नेताओ व अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विलासिता के साधन उपलब्ध किया जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शहर की जनता की परेशानियों को नजर अंदाज किया जा रहा है।

प्रशासक राज में मनमानी
3 वर्षों से नगर परिषद के चुनाव न होने से जनप्रतिनिधि नहीं है जिसके चलते स्थानीय स्वराज्य संस्था नगर परिषद में प्रशासक राज लगा हुआ है जिसमें प्रशासक राज्य की मनमानी के चलते 3 वर्षों में शहर की स्थिति बदहाल हो चुकी है इस और भी अब तक वरिष्ठ नेताओं द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है प्रशासक राज में नागरिकों के कार्य भगवान भरोसे हो रहे हैं।

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