बुलंद गोंदिया। गोंदिया के पूर्व विधायक रमेश कुथे द्वारा 21 जून को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकूड़े को देकर भाजपा को राम-राम किया है। कुथे के भाजपा की सदस्यता से त्यागपत्र देने पर जिले की राजनीति में काफी हलचल मच चुकी है। हालांकि उन्होंने अन्य किसी दल में फिलहाल प्रवेश नहीं किया है।
जिला भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करना लोकसभा चुनाव की हार के पश्चात भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। गोंदिया विधानसभा में वर्ष 1995 व1999 के कार्यकाल में दो बार विधायक रह चुके रमेश कुथे जिन्होंने गोंदिया जिले में शिवसेना को मजबूती प्रदान की थी।
इसके पश्चात वर्ष 2014 में शिवसेना से त्यागपत्र देकर नितिन गडकरी की उपस्थित में भाजपा में प्रवेश किया तथा 10 वर्षों से भाजपा में एक वरिष्ठ नेता के रूप में रहकर जिले में भाजपा को मजबूती प्रदान करने का कार्य निरंतर कर रहे थे।
जिला भाजपा में गत कुछ वर्षों में अपने वरिष्ठ पदाधिकारी की अवहेलना की जा रही थी जिसका खामियांजा लोकसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ा वह भाजपा उम्मीदवार पराजित हो गया। इस हार के पश्चात दल में विरोध के स्वर उठने लगे इसी की परिणीति पूर्व विधायक रमेश कुथे द्वारा अपना त्यागपत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बावनकूड़े को दिया जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि वह पार्टी में गत कुछ समय से अपने आप को असहज महसूस कर रहे थे। साथ ही समर्थकों व सहयोगी द्वारा निरंतर भाजपा से अलग होने के लिए उन्हें आग्रह किया जा रहा था जिसके चलते वह अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया तथा इसकी जानकारी मीडिया को भी दी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटोले से मध्य रात की मुलाकात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले वह नवनिर्वाचित व निर्वाचित सांसद प्रशांत पडोले गत सप्ताह गोंदिया में एक विवाह समारोह में आए थे इसी दौरान मध्य रात्रि 12:30 बजे के करीब रमेश कुथे के निवास स्थान पर पहुंचकर मुलाकात की।
इसी दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए नाना पटोले द्वारा कहा गया था कि राज्य में अनेक पूर्व व वर्तमान विधायक कांग्रेस पक्ष में प्रवेश करेंगे संभावना जताई जा रही है कि यह इस मुलाकात का एक पार्ट हो सकता है जिससे भविष्य में पूर्व विधायक के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना प्रबल है।







