5 वर्षीय नाबालिगा के साथ दुष्कर्म करने वाले नराधम को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, प्रमुख जिला व सत्र न्यायालय गोंदिया ने सुनाया फैसला

बुलंद गोंदिया। एक 5 साल वर्ष की नाबालिगा के साथ दरिंदगी करने के मामले पर गोंदिया न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए दरिंदे आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
ग़ौरतलब है कि इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली ये घटना अप्रैल 2019 में घटित हुई थी। 5 वर्ष की नाबालिग लड़की को आरोपी किशोर रामु शेन्डे 30 वर्ष निवासी मोखे(किन्ही) तहसील साकोली, जिला भंडारा ने पीड़ित नाबालिका को शादी के मंडप के पास से खेत में ले जाकर उसके साथ दुराचार किया व भाग गया था।
इस मामले पर तिरोडा पुलिस थाने में फिर्यादि की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366 (A), 376 (A-B), 511 , 354 , 354 (A) भा.द.वि., सहकलम 8 , 12 पोस्को अन्वये अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस दरिंदगी के मामले पर कड़ी जांच पड़ताल कर आरोपी को गिरफ्तार किया एवं सारे साक्ष्य, सबूत, परिस्थिति जन्य सबूत इकट्ठा कर न्यायालय में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की।मा. न्यायालय ने इस प्रकरण को स्पेशल केस मानकर कोर्ट कार्रवाई शुरू की।
न्यायालय में उक्त प्रकरण की सुनवाई में आरोपी विरुद्ध सारे सबूत, साक्ष्य पुरावे, परिस्थिति जन्य सबूत प्रस्तुत किये। जिसे
प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश, वानखेड़े जिला न्यायालय गोंदिया ने ग्राहय मानते हुए आरोपी किशोर शेन्डे को दोषी मानते हुए धारा 363 भादवि के तहत 3 साल की सजा व 1 हजार रुपये दंड, दंड न भरने पर 1 माह की अधिक सजा सुनाई।
इसी तरह धारा 354 के तहत 3 साल कैद, 1 हजार दंड, दंड न भरने पर 1 माह अधिक सजा, धारा 376 (A-B) भा. द.वि. के तहत 10 साल की सजा व 5 हजार रुपये दंड की सजा सुनाई। दंड न भरने पर 3 माह अतिरिक्त सजा सुनाई।
उक्त प्रकरण की जांच, पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगले, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी पुलिस उप निरीक्षक लोणकर, पो . स्टे. तिरोडा ने की। सरकार की ओर से न्यायालय में पैरवी सरकारी वकील कृष्णा पारधी ने की। न्यायालयीन कामकाज पो.हवा. मोहन भोयर, पु. स्टे. तिरोडा ने देखा।

Share Post: