नकली खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई 1लाख 93500 का 153 बैग खाद जप्त दो पर मामला दर्ज

बुलंद गोंदिया। गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुंडीपार वह हेटी पलेवाड़ा में दो नकली खाद विक्रेताओं पर कृषि विभाग के पथक द्वारा कार्यवाही कर 1 लाख93 हजार500 रुपए का 153 बैग खाद जप्त कर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

गौरतलब है की कृषि कार्य शुरू होते ही नकली बीज, नकली खाद की बिक्री बड़े पैमाने पर शुरू होती है तथा किसानों के साथ धोखा किया जाता है जिससे उनकी फसल नष्ट हो जाती है। इसी प्रकार का एक मामला सामने आया जिसमें गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुंडीपार वह हेटी पालेवाडा में दो व्यापारियों द्वारा बिना मंजूरी के नकली खाद की बिक्री की जा रही थी। जिसकी जानकारी कृषि विभाग को मिलते ही विशेष पथक द्वारा छापामार कारवाई की गई। जिसमें सामने आया कि बिना किसी पंजीयन के अनाधिकृत स्थान पर खाद की बिक्री की जा रही है तथा संभावना जताई गई कि उपरोक्त खाद नकली है‌। यह खाद विनायक इंडिया बायोफर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड घाटबिलोद जिला धार मध्य प्रदेश की कंपनी का 50 किलो के बैग में जिसकी प्रत्येक व्यक्ति कीमत 1290 बताई गई है। इस प्रकार 1,93500 का नकली बिक्री किए जा रहे खत को जप्त किया गया।

उपरोक्त करवाई मुंडीपार निवासी बंडु पटले के घर पर छापामार कार्रवाई कर 80 बैगतथा पालेवाडा में और एक अवैध विक्रेता पर छापामार कार्यवाही कर 73 बैग जप्त किया गया ।उपरोक्त मामले में आरोपियों के खिलाफ गोरेगांव पुलिस थाने में खाद नियंत्रण आदेश 1985 ,अत्यावशक वस्तु अधिनियम 1955 भादवी की धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया।

यह कार्रवाई राजेंद्र साबले विभागीय कृषि सहसंचालक नागपुर, हिंदूराव चौहान जिला अधीक्षक ,एम.के मडामें कृषि विकास अधिकारी जिला परिषद के मार्गदर्शन में कृषि अधिकारी पंचायत समिति गोरेगांव राजेश रामटेके, जिला गुणवंता नियंत्रक निरीक्षक यसलव बावनकर, कृषि अधिकारी डीपी कुर्वे , कृषि अधिकारी अतुल येडे द्वारा की गई।

दो ट्रक नकली खाद कार्रवाई मात्र 150 बैग पर

विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरेगांव तहसील में विभिन्न स्थानों जिसमें मुंडीपार हेटी पालेवाड़ा वह बोरीटोला में बिक्री के लिए 2 ट्रक नकली खाद आया था। किंतु कृषि विभाग के पथक द्वारा दो स्थानों पर ही कार्रवाई कर मात्र 153 बैग ही जप्त किया।
शेष खाद पर कृषि विभाग ने कार्यवाही क्यों नहीं कि इस पर प्रश्न चिन्ह निर्माण हो रहा है कि दिखावे के लिए कार्रवाई कर बाकी के माल बचाने के लिए अधिकारियों द्वारा आपसी साट गाट तो नहीं की गई है। तथा इस छोटी सी कार्रवाई करने पर कृषि विभाग पर प्रश्न चिन्ह निर्माण हो रहा है।

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