बुलंद गोंदिया।( संवाददाता खातिया) – गोंदिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिरसी में बिरसी एयरपोर्ट के निर्माण के दौरान ग्राम के 106 परिवारों को विस्थापित किया गया था। तथा उन्हें फिर से पुनर्वसन करने का आश्वासन प्रशासन व बिरसी एयरपोर्ट द्वारा दिया गया था, किंतु 15 वर्षों से पुनर्वासन नहीं हो पाने के चलते पीड़ित परिवारों द्वारा 21 मार्च को एयरपोर्ट के मुख्य द्वार के सामने कि भूमि पर प्लाटों की मार्किंग की गई तथा 22 मार्च को विधिवत भूमि पूजन कर घर निर्माण कार्य का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान बिरसी एयरपोर्ट प्रशासन व जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था ।
गौरतलब है कि बिरसी एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 106 परिवारों को विस्थापित किया गया था जिन्हें वर्ष 2007 को पुनर्वसन करने का आश्वासन जिला प्रशासन द्वारा दिया गया था। जिसमें 106 परिवार गत 15 वर्षों से पुनर्वसन किए जाने का इंतजार कर रहे थे, किंतु इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा सिर्फ आश्वासन ही दिए जा रहे था, जिसके चलते त्रस्त होकर बिरसी ग्राम के 106 परिवारों ने एयरपोर्ट के मुख्य द्वार के सामने 21 मार्च को प्लाटों की मार्किंग की गई तथा 22 मार्च को मकान निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन भी किया गया।
विशेष यह है कि इस दौरान बिरसी एयरपोर्ट प्रशासन व स्थानीय जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था। पुनर्वसन का इंतजार करते हुए प्रकल्पग्रस्त के मकान जर्जर अवस्था में हो चुके हैं जिससे भविष्य में कभी भी गंभीर हादसा घटित हो सकता था। अब इन खस्ताहाल मकान में किस प्रकार रहे ऐसा गंभीर प्रश्न प्रकल्पग्रस्तो के समक्ष निर्माण हो गया है । विशेष यह है कि अपनी इस मांग को लेकर अनेकों बार धरना आंदोलन भी किया गया किंतु हर बार प्रशासन द्वारा उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर जल्द कार्रवाई करने का लॉलीपॉप थमाता आया है जिसे अब त्रस्त होकर प्रकल्पग्रस्तो ने यह मार्ग अपनाया है ।
अब तक नहीं मिले प्लाट कब बनाएंगे मकान
बिरसी प्रकल्पग्रस्तो द्वारा अनेकों बार निवेदन दिया गया किंतु इसके बावजूद भी जिला प्रशासन व बिरसी विमानतल प्रशासन द्वारा 15 वर्षों से अनदेखी वह लापरवाही की जा रही है। उनकी इस गलत नीति व आश्वासनों के चलते पुनर्वसन नहीं हो पा रहा है। जिसके प्रकल्पग्रस्त द्वारा एयरपोर्ट के मुख्य द्वार पर मकान बनाने का निर्णय लिया है।
– रविंद्र तावाडे पूर्व सरपंच बिरसी
बिरसी एयरपोर्ट के गेट के सामने प्रकल्पग्रस्तो ने प्लाटिंग कर किया भूमि पूजन, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप, 106 परिवार वर्षों से कर रहे पुनर्वसन का इंतजार





