बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के बिरसी विमानतल पर 13 मार्च को यात्री विमान सेवा तो शुरू हो चुकी है, किंतु गत 2 वर्षों से रेलवे प्रशासन द्वारा कुडवा लाइन से राजलक्ष्मी चौक की ओर उतरने वाला रेलवे के पैदल पुल को कोरोना व सुरक्षा के नाम से बंद कर रखा है। जिससे नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यह पुल कब शुरू होगा इस पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है। इस संदर्भ में नागरिकों द्वारा सांसदों व विधायकों से अनेकों बार निवेदन किया गया जिस पर जनप्रतिनिधियों द्वारा रेलवे अधिकारियों को पुल शुरू करने के निर्देश भी दिए गए किंतु जनप्रतिनिधियों के दिशा निर्देशों की अवहेलना रेलवे प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की जा रही है जिससे जनप्रतिनिधियों पर रेलवे के अधिकारी भारी होते दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि जब से गोंदिया रेलवे स्टेशन का निर्माण हुआ है जो शहर के मध्य से होते हुए गुजरता है शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने व नागरिकों की आवागमन की सुविधा के लिए कुड़वा लाइन से राजलक्ष्मी चौक की और उतरने वाला रेलवे पर पैदल पुल बनाया गया है जो हमेशा शुरू रहता था लेकिन गत 2 वर्षों से कोरोना की महामारी व सुरक्षा का हवाला देते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा उपरोक्त पुल को बंद कर दिया गया है। जिससे शहर के बाजार विभाग व रामनगर परिसर के नागरिकों को पैदल आवागमन में काफी परेशानियां हो रही है। इस संदर्भ में विभिन्न रेल समितियों व नागरिकों द्वारा अनेकों बार गोंदिया भंडारा जिले के सांसद सुनील मेंडे व गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल को निवेदन देकर पैदल पुल शुरू करने करवाने की मांग की गई जिसके पश्चात जनप्रतिनिधियों द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर विभाग के डीआरएम मनिंदर उप्पल को पत्र भी भेजकर निर्देश दिया गया है। किंतु रेलवे प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों के पत्रों की व दिशा निर्देशों की उपेक्षा कर नागरिकों की सुविधाओं को नजरअंदाज करते हुए अब तक उपरोक्त पुल को शुरू नहीं किया है ।
उल्लेखनीय है कि गत दिनों जिला कोरोना से मुक्त भी हो चुका है किंतु इसकी जानकारी शायद रेलवे प्रशासन को नहीं है जिसके चलते पैदल पुल को शुरू नहीं किया जा रहा है। इस कारण रेलवे की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है ।
रेल समितियों के निवेदन पर भी कार्यवाही नहीं
रेलवे प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन व परिसर तथा यात्रियों की सुविधा के लिए रेल समितियों का निर्माण किया गया है जिसमें विभिन्न क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद है जिनके द्वारा भी अनेकों बार निवेदन दिया गया है किंतु रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी योर द्वारा इस ओर नजरअंदाज किया जा रहा है जिससे रेलवे समितियों की सुझाव को प्रशासन रेलवे प्रशासन द्वारा ना माने जाने पर समिति की भी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह बन रहा है।
सुरक्षा कारणों का हवाला
गत इतने वर्षों से उपरोक्त पैदल पुल शुरू होने से किसी भी प्रकार की रेलवे प्रशासन की सुरक्षा खतरे में नहीं आई है किंतु दो-तीन वर्षों से रेलवे की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है क्योंकि उपरोक्त पुल को रेलवे की सुरक्षा का कारण बताते हुए बंद किया गया है जबकि नागरिकों द्वारा मांग की गई है कि शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने के लिए आवागमन हेतु पुल को शुरू किया जाए तथा प्लेटफार्म की ओर उतरने वाली सीढ़ियों को बंद रखा जाए जिससे रेलवे की सुरक्षा तो होंगी ही तथा नागरिकों की सुविधा भी बनी रहेगी किंतु इस और भी इस मांग पर भी रेलवे प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानकारी
जनप्रतिनिधियों व रेलवे समितियों के द्वारा समय-समय पर निवेदन दिया गया है कि उपरोक्त पैदल पुल को शुरू किया जाए इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया है तथा दिशा निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
– एच एल कुशवाह स्टेशन प्रबंधक गोंदिया।
गोंदिया में शुरू हुई विमान सेवा किंतु कुडवा लाइन से राजलक्ष्मी चौक रेलवे पैदल पुल कब होगा शुरू ,सांसद व विधायकों पर रेलवे के अधिकारी भारी




