महिला दिन विशेष
बुलंद गोंदिया। शासकीय सेवा में कार्यरत रहते हुए समाज के लिए निरंतर समाज सेवा करने के उदाहरण समाज में बहुत ही कम सामने आते हैं। लेकिन गोंदिया के जलसंपदा विभाग में उप कार्यकारी अभियंता के पद पर कार्यरत रहते हुए समाज की अन्य महिलाओं की सहायता कर उन्हें कोरोना संक्रमण काल में रोजगार का मार्ग दिखाने के साथ ही विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से रोजगार भी उपलब्ध करवाने का एक साहसिक कार्य इंजीनियर शिखा सुरेश पिपलेवार द्वारा किया जा रहा है ।
इस कार्य के लिए उन्होंने सशक्त नारी संघटना का गठन कर अपने इस कार्य को गोंदिया शहर के साथ-साथ जिले व आसपास के जिलों तक पहुंचाने का कार्य कर हजारों महिलाओं को एक सूत्र में बांधा है। जिसके चलते आज गोंदिया जिले के साथ-साथ विदर्भ के अनेक जिलों के साथ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के बालाघाट तथा सिवनी जिले में भी शिखा पिपलेवार का नाम अब अनजान नहीं है।

शिखा सुरेश पिपलेवार छात्र जीवन से ही शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट विद्यार्थी के रूप में शिक्षा पूर्ण की जिसमें कक्षा दसवीं में नागपुर डिवीजन में टॉपर, 12th बोर्ड परीक्षा में टॉपर रहने के साथ ही बी-टेक सिविल इंजीनियरिंग व एम-टेक एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग में यूनिवर्सिटी में टॉपर होने के साथ ही गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
जिसके पश्चात उन्हें महाराष्ट्र जलसंपदा विभाग में उप कार्यकारी अभियंता के रूप में नियुक्ति मिली जिनकी पहली नियुक्ति नांदेड में हुई तथा उसके पश्चात गोसेखुर्द पुनर्वासन के उपविभाग कुही/ भिवापुर नागपुर में उन की नियुक्ति हुइ, इस दौरान एक महिला अधिकारी के रूप में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों व संघर्षों तथा कार्य के दौरान पुनर्वासन क्षेत्रों के नागरिकों की परेशानियों को समीप से देखने के पश्चात समाज सेवा व महिलाओं के सामने आने वाली विभिन्न परेशानियों, बेरोजगारी और रोजगार की समस्या व विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव व अन्याय को दूर करने के लिए अपने जीवन में एक प्रण लेकर महिला समाज सेवा का बीड़ा उठाया। जिसके लिए गोंदिया में जो उनका गृहनगर भी है दिसंबर 2018 में उप कार्यकारी अभियंता के पद पर जलसंपदा विभाग में नियुक्ति होने पर सशक्त नारी संघटना का गठन कर गोंदिया सहित विदर्भ के अनेक जिलों व मध्यप्रदेश के बालाघाट शिवनी जिलों में शाखा का निर्माण कर हजारों महिलाओं को जोड़कर समाज सेवा के माध्यम से विभिन्न कार्य शुरू किए।
इस दौरान कोरोना संक्रमण काल में जब सभी नागरिक अपने घरों में कैद हो गए तथा उनके सामने आर्थिक संकट निर्माण हुआ तो इन परेशानियों को देखते हुए महिलाओं को उनके घर में ही रह कर कार्य कर रोजगार उपलब्ध करा आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न उपक्रम शुरू किए।
जिसके लिए सर्वप्रथम विभिन्न सोशल मीडिया के मंच के माध्यम से उन्हें एकत्र कर वेबीनार ,गूगल मीट के माध्यम से विभिन्न गृह उद्योग का प्रशिक्षण निशुल्क उपलब्ध कराने का कार्य शुरू किया । जिसमें मास्क, जूट बैग, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, राखी का निर्माण व अन्य घरेलू कुटीर उद्योग की जानकारी उपलब्ध कराई।
उल्लेखनीय है कि यह कार्य उन्होंने निशुल्क उपलब्ध कराने के साथ ही इसमें जो महिला जिस क्षेत्र में पारंगत थी वह अन्य दूसरी महिलाओं को उसकी जानकारी इसी मंच पर दे इसके लिए भी विशेष कार्य किया जिससे एक नई श्रंखला निर्माण हुई महिलाओं को आपस में ही तालमेल बनाकर एक विशाल मंच तैयार किया उसके पश्चात निर्मित उत्पादनो की बिक्री भी ऑनलाइन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करवाया जिससे महिला सशक्तिकरण आर्थिक सशक्तिकरण को कुछ हद तक करने में उन्हें सफलता प्राप्त हुई।

विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी महिलाओं तक उपलब्ध कराई
महिलाओं को सोशल मीडिया मंच के माध्यम से वह समय-समय पर सेमिनार कर आर्थिक उद्योग को सक्षम व मजबूत करने के लिए शासकीय योजना, बैंकिंग ,कर्ज प्रणाली आदि की जानकारी भी उपलब्ध करा कर उन्हें सहयोग प्रदान किया।
सांस्कृतिक व कीड़ा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य
महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ अपने सामाजिक कार्यों की श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए खेल, सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यों में भी सशक्त महिला संघटना के संचालक के रूप में कार्य करते हुए खेल के क्षेत्र में समय-समय पर क्रिकेट,चेस, सेल्फ डिफेंस, मार्शल आर्ट आदि का प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया।
परिवारिक जिम्मेदारियों की जानकारी
परिवार को एकजुट बनाए रखने तथा नवविवाहित युगलों को दोनों परिवारों में आपसी सामंजस व तालमेल बनाकर रखने तथा परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए नवविवाहित उनको प्रोत्साहन व मार्गदर्शन देने का कार्य अभी किया गया ।
शिक्षा के क्षेत्र में
तकनीकी शिक्षा में लड़कियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा के संदर्भ में सेमिनार व जानकारी उपलब्ध करवाई,
स्वास्थ्य
कोरोना संक्रमण काल के साथ-साथ सामान्य समय में भी सभी नागरिकों को तथा विशेषकर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित जन जागृति मेडिकल कैंप ,योग, प्राणायाम ,ध्यान तथा आध्यात्मिक प्रगति के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विभिन्न सामाजिक संगठनों में सहभागिता
सशक्त नारी संघटना के साथ-साथ अन्य संगठनों में ओबीसी गोंदिया जिला युवती अध्यक्ष व अखिल भारतीय कलार। कलाल। कलावार महिला संघटना की राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंदिया शहर की अनेक सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर निरंतर विभिन्न सामाजिक कार्यों में अपनी भूमिका को मजबूती से रख समाज कार्य कर इंजीनियर शिखा पिपलेवार अपने समाज सेवा के लक्ष्य आगे बढ़ा रही है।






