बुलंद गोंदिया। शासकीय मेडीकल कॉलेज का नाम लेते ही विभिन्न समस्याएं सामने दिखाई देती है। चाहें वेतन की समस्या हो या अतिरिक्त सेवा की अब यह जानकारी सामने आई है कि गोंदिया मेडिकल कॉलेज में शिक्षा प्राप्त करने वाले एमबीबीएस विद्यार्थीयों को पढानेवाले प्राध्यापकों के कई पद रिक्त पडे हुए है। जिस कारण विद्यार्थीयों के शिक्षा पर असर पड रहा है। बावजूद मेडीकल प्रशासन इस ओर अनदेखी कर रहा है।
गौरतलब है कि डॉक्टरों को धरती के भगवान कहा जाता है। यदि डॉक्टरों को ही पूरी शिक्षा नहीं मिली तो कैसे मरीजों को सेवा देंगे। इस संदर्भ में जानकारी के अनुसार गोंदिया मेडीकल कॉलेज में 600 से अधिक विद्यार्थी एमबीबीएस की पढाई कर रहे है। उन्हें पढाने तथा मरीजों की सेवा करने के लिए शासन ने प्राध्यापकों के 21 पदों को मंजूरी दी है। इसी प्रकार सहाय्यक प्राध्यापकों के 22 पद मंजूर है। लेकिन कई महिनों से सहाय्यक प्राध्यापकों के 5 व प्राध्यापकों के 9 पद रिक्त पडे हुए है। जिनमें से कुछ पद इतने महत्वपूर्ण है कि उनकी शिक्षा के बिना मेडीकल चिकित्सा अधूरी होती है। रिक्त पद होने से कार्यरत प्राध्यापकों को अतिरिक्त सेवा देना पड रहा है। जिस कारण उन्हें शारीरिक, मानसिक परेशानियों का सामना करना पडता है। इतना ही नहीं तो एमबीबीएस के विद्यार्थीयों को पूरी तरह से शिक्षा नहीं मिल पा रही है। सबसे अधिक असर मरीजों की सेवा पर भी दिखाई दे रहा है। इस तरह की स्थिति शासकीय मेडीकल कॉलेज गोंदिया में कई महिनों से दिखाई दे रही है। बावजूद रिक्त पद नहीं भरे जा रहे है। जिसका खामियाजा एमबीबीएस के विद्यार्थी एवं मरीजों को उठाना पड रहा है।
पद भर्ती पर सवालिया निशान
गत माह में ही सहाय्यक प्राध्यापक के पदों के लिए पद भर्ती निकाली गई थी। जिसमें जनऔषध वैद्कशास्त्र के दो पद, औषध वैद्कशास्त्र के तीन पद, क्षयरोग के एक पद, शल्यचिकित्सकशास्त्र का एक पद, स्त्रीरोग व प्रसुतिशास्त्र के दो पद व क्षयकिरणशास्त्र का एक पद का समावेश था। संबंधित पदों के उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। लेकिन कुछ पदों के उम्मीदवारों को विभिन्न कारण बताकर पदों के लिए अपात्र बता दिया गया है। जबकि बडे मुश्किल से डॉक्टर सेवा देने के लिए मिलते है। पद भर्ती पर हमेशा सवाल उठाया जाता है। इस ओर भी संबंधित प्रशासन ने ध्यान देना आवश्यक है।
नहीं मिल रहे उम्मीदवार
संबंधित सहाय्यक प्राध्यापकों के पदो के लिए भर्ती प्रक्रिया ली गई। यह पद संविदा पध्दति के है। लेकिन पद भर्ती में उम्मीदवार नहीं पहुंचे। सहाय्यक प्राध्यापकों की पद भर्ती के अधिकार गोंदिया मेडीकल प्रशासन को है। लेकिन प्राध्यापकों के पद भर्ती के अधिकार वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय को दिया गया है।
– डा. अपूर्व पावडे, अधिष्ठाता, शासकीय मेडीकल कॉलेज गोंदिया





