बुलंद गोंदिया। नागपुर विभाग की विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे -वर्मा का शुक्रवार 30 जुलाई को गोंदिया जिले का आयोजित प्रथम दौरा कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में जिला आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष को भेट देकर बाढ़ की स्थिति सुरक्षा व बचाव सामग्री का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिया कि नियंत्रण कक्ष 24×7 शुरू रखा जाए तथा बाढ़ की परिस्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से आपदा ग्रस्त नागरिकों को तत्काल मदद पहुंचाई जाए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नयना गुंडे ने जिले की बाढ़ की परिस्थिति के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 96 ग्रामों में बाढ़ का संभावित खतरा बना रहता है। तथा गोदिया व तिरोडा तहसील के वैनगंगा नदी किनारे स्थितसंभावित 19 ग्रामों में आपदा की तीव्रता को कम करने के लिए अंतर्राज्यीय बाढ़ नियंत्रण समिति के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य के सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट तथा महाराष्ट्र राज्य के गोंदिया, भंडारा, गडचिरोली, चंद्रपुर, नागपुर जिलों में समन्वय कर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए अंतर्राज्यीय बाढ़ नियंत्रण व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है इस ग्रुप में दोनो राज्यों के महत्वपूर्ण अधिकारियों का समावेश कर जन वह वित्तीय हानि का असर को कम करने की उपाय योजना की जा रही है। विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे -वर्मा द्वारा जिला आपदा प्रबंधन विभाग के शोध व बचाव पथक द्वारा बाढ़ की स्थिति के दौरान किए जाने वाले कार्य, नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने , उपाय योजना तथा बाढ़ की स्थिति के दौरान राहत व बचाओ के कार्यों में लगने वाली लाइफ जैकेट, बोट, इमरजेंसी लाइट, obm मशीन, घरेलू वस्तुओं से तैयार किए गए फ्लीटिंग डिवाइस आदि सामग्री की जानकारी लेकर जिला प्रशासन व जिला आपदा व्यवस्थापन विभाग के शोध व बचाओ पथक की सराहना की। इस अवसर पर जिलाधिकारी नयना गुंडे, अपर जिलाधिकारी राजेश खवले, निवासी उप जिलाधिकारी जयराम देशपांडे, आपदा व्यवस्थापन अधिकारी राजन चौबे तथा आपदा प्रबंधन विभाग पथक के सदस्य उपस्थित थे।