डॉ नोव्हील ब्राह्मणकर ने सफल शल्यक्रिया कर गर्भ को बचाते हुए पेट से निकाला कैंसर का गोला

शल्यक्रिया के पश्चात माता वह गर्भ में बच्चा सुरक्षित
बुलंद गोंदिया। गोंदिया शहर के सिविल लाइन मामा चौक स्थित ब्राह्मणकर हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर नोव्हील ब्राह्मणकर द्वारा गत कुछ वर्षों में अनेक जटिल शल्यक्रिया कर मरीजों को जीवनदान दिया है। इसी प्रकार की और एक सफल शल्यक्रिया कर गर्भवती महिला के पेट से कैंसर पेनक्रियाज का गोला निकालकर गर्भ में 3 माह के बच्चा वह माता की जान बचाई।
गौरतलब है कि एक समय में गोंदिया में गंभीर व जटिल ऑपरेशन नहीं हो पाते थे जिसके लिए मरीजों को नागपुर या अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता था लेकिन अब गोंदिया शहर के सिविल लाइन मामा चौक स्थित ब्राह्मणकर हॉस्पिटल के संचालक डॉ नोव्हील ब्राह्मणकर द्वारा गोंदिया शहर में ही जटिल व गंभीर शल्यक्रिया कर मरीजों की जान बचाई जा रही है। इसी प्रकार का एक मामला तिरोड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गराड़ा निवासी 24 वर्षीय महिला रसीला दिनेश मेश्राम के पेट में गत 1 वर्षों से कैंसर पेनक्रियाज का गोला बन चुका था लेकिन इसकी जानकारी उसे नहीं थी इस दौरान वह गर्भवती हो गई जब सोनोग्राफी जांच की गई तो गर्भ के साथ गोला दिखाई दिया जिसके पश्चात डॉक्टर नोव्हील ब्राह्मणकर जांच की गई तथा आगे के उपचार के लिए नागपुर जाने पर शल्य क्रिया का खर्च अधिक बताया गया वहां के चिकित्सकों द्वारा जानकारी दी गई कि गर्भ गिराने के पश्चात ही शल्य क्रिया की जा सकती है। लेकिन परिवार इसके लिए तैयार नहीं था जिसके पश्चात फिर से पीड़ित महिला को लेकर परिवार डॉक्टर नोव्हील ब्राह्मणकर के पास पहुंच कर शल्यक्रिया करने की सहमति प्रदान की वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार था साथ ही शल्यक्रिया में लगने वाले खर्च की परेशानी भी डॉक्टर नवीन ब्राह्मण कर द्वारा दूर कर महिला की शल्यक्रिया महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत की उपरोक्त शल्य क्रिया करीब 5 घंटे तक के चली जिसमें 10 बाय 12 सेंटीमीटर का गोला निकाला गया तथा शल्य क्रिया मैं डॉक्टर को सफलता मिली व गर्भ को बचाते हुए पेनक्रियाज के गोले को बाहर निकाला गया तथा वर्तमान स्थिति में गर्भवती महिला वह गर्भ में पलने वाला शिशु सुरक्षित है।
उपरोक्त शल्यक्रिया के दौरान डॉक्टर नोव्हील ब्राह्मणकर का सहयोग महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धवल सावंत एनेस्थीसिया डॉ कुणाल बोरकर सहायक लोकेश नागपुरे वह लोकेश बांते द्वारा सहयोग दिया गया
बच्चे के साथ बचाई मेरी भी जान
पेट में गर्भ के साथ कैंसर के गोले की जानकारी होने पर काफी चिंतित हो गए थे किंतु डॉक्टर ब्राह्मणकर द्वारा सफलतापूर्वक ऑपरेशन करने के साथ ही आर्थिक समस्या को देखते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया जिससे आज स्वस्थ लगने के साथ ही दर्द भी कम हो गया है।
– महिला मरीज रसीला मेश्राम
सफलता का प्रयास
महिला की स्थिति को देखते हुए पूरी सफलता का प्रयास कर शल्यक्रिया की गई साथ ही गोंदिया जिले में इस प्रकार की गंभीर बीमारी व अन्य बीमारियों का उपचार शासकीय योजनाएं प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना व महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के अंतर्गत की जा रही है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिल रही है।
डॉक्टर नोव्हील ब्राह्मणकर संचालक ब्राह्मणकर हॉस्पिटल गोंदिया

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