बुलंद गोंदिया। गोंदिया के जिलाधिकारी राजेश खवले की सकारात्मक पहल का असर दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसी के चलते अर्जुनी मोरगांव के बेसहारा बच्चों की मदद के लिए जिले के शासकीय अधिकारी विट्ठल के रूप में सामने आए हैं। जिसके चलते अब उपरोक्त परिवार को 1 वर्ष तक प्रतिमाह 10 हजार की आर्थिक सहायता प्राप्त होंगी ।
गौरतलब है कि गोंदिया के जिलाधिकारी के रूप में राजेश खवले द्वारा पदभार संभालते ही सकारात्मक विचारों के साथ कार्य शुरू किया जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों पर महामारी व अन्य विपदा के चलते अपने माता पिता गवा चुके बेसहारा बच्चों की सहायता अधिकारियों द्वारा निजी स्तर पर देना शुरू की गई है। जिसमें सालेकाहसा तहसील के मोहारे परिवार,गोरेगांव तहसील के खाड़ीपार निवासी बेसहारा बालिकाओं की मदद का विषय हो जिसमें करीब 21 क्लास वन अधिकारी पालक वह पुत्र बनकर मदद दी है।
इसी प्रकार की एक घटना प्रसार माध्यम से सामने आई कि अर्जुनी मोरगांव निवासी रामदास कोलते एक टपरी में अपने दुपहिया दुरुस्ती की दुकान चलाते थे तथा साथ ही अन्य कोई काम मिल जाए तो उसे कर अपने परिवार का पालन कर रहे थे। इन गरीब परिस्थिति में भी परिवार आनंदित था परिवार में सर्व सुचारू रूप से चल रहा था किंतु अचानक परिवार पर काल की कुदृष्टि पढ़ने से रामदास की पत्नी के हृदय का वाल खराब हो गया जिसकी शस्त्रक्रिया करनी पड़ी तथा परिवार द्वारा उसे बचाने का भरपूर प्रयत्न किया गया किंतु उसमें उन्हें सफलता नहीं मिली 5 दिसंबर 2020 को उसने इस संसार से अलविदा कह दिया। उसके उपचार के लिए परिवार की सभी बचत खत्म होने के साथ ही परिवार पर कर्ज हो गया इसके पश्चात कोरोना महामारी के संकट के दौरान रामदास इसकी चपेट में आ गए जिसका कोविड-19 सेंटर में दाखिल कर उपचार शुरू किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका इस पर भी परिवार का काफी खर्च होने पर कर्ज का पहाड़ निर्माण हो गया। रामदास के पश्चात उसके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता वह तीन बालिका ही है तथा परिवार में कमाई करने वाला कोई नहीं बचा अब इन बालिकाओं का जीवन कैसे चले परिवार ग्रहस्ती कैसे आगे बढ़े इस पर प्रश्न चिन्ह निर्माण हुआ इस संदर्भ में समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित होने के पश्चात जिलाधिकारी द्वारा इस प्रकरण में कर्मचारियों वह अधिकारियों से आगे बढ़कर आने का आव्हान किया जिस पर 20 अधिकारियों द्वारा प्रतिसाद दिया गया जिसमें किशोर राठौड़, राजेश मैनन, आकाश चौहान, धोंडीराम कातकडे, हांडे आपूर्ति विभाग, रवि कुमार गुप्ता पटवारी बिजेपार, नरेश तागड़े पटवारी सालेकसा,एन ए शेख पटवारी भरनौली, रविंद्र तितरे पटवारी देवरी, पुंडलिक श्रीपाद कुमरे पटवारी, शैलेश नंदेश्वर शिक्षक, प्रवीण श्रीधर राव गेडाम प्रोफेसर, सुहास जंजूरने दुय्यम निरीक्षक देवरी, मोहन साठे केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे के निजी सचिव,एन बी वर्मा मंडल अधिकारी ,मधु दोनोडे राजस्व सहायक, श्रीमती ठाकरेले, अमित बडोले पटवारी, आरएन पालंदुरकर नायब तहसीलदार ,कपिल हारोड़े कोतवाल इन सभी द्वारा परिवार को प्रतिमाह 500 रुपये इस प्रकार 10 हजार प्रति माह 1 वर्ष तक दिया जाएगा 1 वर्ष के पश्चात जिसे संभव है वे अपनी मदद शुरू रख सकता है। तथा जिसका संभव नहीं है वह अपने स्थान पर अन्य कर्मचारी को सहयोग के लिए तैयार करेंगा जिससे कोलते परिवार को निरंतर आर्थिक सहायता मिलती रहेंगी।
आखिरकार सभी 20 कर्मचारी विट्ठल के रूप में परिवार की मदद के लिए सामने आए शासकीय प्रशासन में कार्य करते समय संवेदनशीलता बनाए रखने तथा अपने हृदय को कोमल रख अन्य के दुखों को देखते हुए आंखों में आंसू आ जाना या महत्वपूर्ण है। गोंदिया जिला प्रशासन की इस प्रकार की संवेदनशीलता अन्य और कहीं दिखाई नहीं देती है। जिससे आज भी जिले के प्रशासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों में मानवता जीवित है यह गत कुछ दिनों के अनेक प्रसंगों में साफ दिखाई दिया है।
जिले के 20 कर्मचारी विट्ठल के रूप में आए सामने कोलते परिवार को 1 वर्ष तक प्रतिमाह 10 हजार की आर्थिक मदद






