बुलंद गोंदिया। कोरोना संक्रमण महामारी के दौरान संक्रमित मरीज ब्लैक फंगस (म्युकरमायकोसिस) की चपेट में आ रहे हैं जो काफी घातक होने के साथ ही मरीज की जान तक ले लेती है इसी बिमारी से ग्रसित एक मरीज की पहली शल्यक्रिया गोंदिया के शासकीय मेडिकल कॉलेज में की गई जिसे डॉ.गौरव अग्रवाल व उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
उल्लेखनीय है कि गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुर्हाड़ी निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति 12 मई से कोरोना संक्रमित होने के चलते शासकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए दाखिल था इस दौरान डायबिटीज की अधिकता के चलते वह ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया जिससे उसकी नाक मैं ब्लैक फंगस का संक्रमण फैलने के साथ ही आंख को संक्रमित कर रहा था जिससे धीरे धीरे मरीज की स्थिति चिंताजनक होती जा रही थी। इस परिस्थिति को देखते हुए के मेडिकल कॉलेज में ही मरीज की शल्य क्रिया करने का निर्णय लिया गया यह शल्यक्रिया गोंदिया शासकीय मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस की पहली शल्यक्रिया थी जिसे नाक, कान, गला विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक डॉ गौरव अग्रवाल व उसकी टीम द्वारा 21 मई को किया गया जिसमें दूरबीन के माध्यम से मरीज की नाक की शल्यक्रिया की गई जो करीब 2 घंटे तक चली ऑपरेशन होने के पश्चात मरीज कि कम से कम 3 से 4 सप्ताह तक देखभाल आवश्यक है। उपरोक्त शल्य क्रिया में डॉ गौरव अग्रवाल का सहयोग डॉक्टर कृपाल पारधी, डॉक्टर हरकवल बग्गा, डॉ विनीता यादव व एनेस्थीसिया टीम में डॉ रमेश सुगंध, डॉ गजानन खरपाल, डॉ रश्मि पारधी व नर्सिंग व टेक्नीशियन कर्मचारियों ने विशेष सहयोग दिया।
विशेष यह है कि वर्तमान समय में ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीज की शल्य क्रिया करने के लिए नागपुर रेफर किया जाता था लेकिन अब गोंदिया के शासकीय मेडिकल कॉलेज में यह कार्य डॉ गौरव अग्रवाल व उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक किए जाने से मरीजों को नागपुर रेफर करने की स्थिति निर्माण नहीं होंगी ब्लैक फंगस की शल्यक्रिया किए जाने पर डॉ गौरव अग्रवाल वह उनकी टीम का शासकीय मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नरेश तिरपुड़े व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों तथा मित्र परिवार व शुभचिंतकों द्वारा उन्हें शुभकामनाएं दी गई।
ब्लैक फंगस से ग्रस्त मरीज की पहली शल्यक्रिया शासकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर गौरव अग्रवाल व टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई





