बुलंद गोंदिया।( अनिल मुनीश्वर)- नागझिरा अभयारण्य व व्याघ्र प्रकल्प नागझिरा व पिटेझरी के कंपार्टमेंट नंबर 97, 98, 99 व 100 मे 8 अप्रैल 2021 कि सुबह 11:00 बजे के दौरान आग लग गई थी जिसे बुझाने के कार्य में लगे 5 मजदूर झुलस गए थे। जिसमें से तीन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। तथा दो जख्मी मजदूरों का नागपुर के एक निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था ।जिनके उपचार का खर्च शासन द्वारा दिया जा रहा था। जिसमें से एक मजदूर थाटेझरी निवासी विजय तिजाब मर्सकोले 42 वर्ष की उपचार के दौरान 17 मई की रात 9:30 से 10:00 बजे के दौरान मौत हो गई। नागझिरा अभयारण्य वह व्याघ्र प्रकल्प के संरक्षित क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई आग में 3 वन मजदूरों की मौत होने पर शासन, वन्यजीव विभाग तथा एनजीओ के माध्यम से आर्थिक मदद की गई थी वही मदद उपचार के दौरान मृत्यु होने पर थाटेझरी निवासी विजय तिजाब मर्सकोले के परिवार को भी प्रदान की जाए ऐसी मांग परिजनों द्वारा की गई है।
संरक्षित वन में कैसे लगी आग इस पर प्रश्न चिह्न निर्माण अब तक नहीं हुई जांच
संरक्षित वन क्षेत्र में आग कैसे लगी ,किसने लगाई इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई आग की जांच वन्यजीव विभाग द्वारा अब तक नहीं की गई है। साथ ही इस प्रकरण में कौन दोषी अधिकारी है इस पर भी जांच ना होकर कार्रवाई भी नहीं हुई। आज उपचार के दौरान थाटेझरी के मजदूर की मौत होने पर गांव में तनाव की स्थिति निर्माण ना हो तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो इसके लिए वन विभाग द्वारा पुलिस विभाग से विनंती कर सुरक्षा बल तैनात किए ।इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी यो पर कार्रवाई करने की मांग ग्राम वासियों द्वारा की गई है।







