वर्धा के विधायक रंजीत कांबले के विरोध में डॉक्टर समीर गहाने का अनोखा निषेध आंदोलन

बुलंद गोंदिया। (अनिल मुनीश्वर)- सड़क अर्जुनी तहसील के अंतर्गत आने वाले खोडसिवनी ग्राम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर समीर गहाने द्वारा वर्धा के विधायक रंजीत कांबले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अनोखा आंदोलन किया।
गौरतलब है कि वर्धा के विधायक रंजीत कांबले द्वारा वर्धा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी को भरी सभा में अपशब्द बोलते हुए जान से मारने की धमकी दी ।कारण यह था कि स्वास्थ्य सेवा में उनका प्रचार वह उनसे संपर्क नहीं किए जाने पर मारने की धमकी दी। जिसका विरोध पूरे राज्य में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत सड़क अर्जुनी तहसील के तहत आने वाले ग्राम खोडसिवनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ समीर गहाने ने अनोखा आंदोलन किया जिसमें दोपहर 12:30 बजे ओपीडी का कार्य खत्म होने के पश्चात शाम 5:30 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरना देकर क्षत्रि आंदोलन शुरू किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर किसी का गुलाम नहीं है। हमारा कार्य सेवा देना है हम वह कार्य करते हैं ।लेकिन विधायक जैसे सम्मानित पद पर रहने वाले व्यक्ति द्वारा इतने हल्के स्तर के शब्दों का इस्तेमाल करना उनके पद को शोभा नहीं देता जिसका सभी स्तर पर विरोध होना चाहिए। सभी स्वास्थ्य संगठन एक साथ आकर इस लड़ाई में शामिल होकर इसका विरोध करना चाहिए किंतु कोई करें या ना करें मैं इस घटना का विरोध कर रहा हूं। मेरे अकेले के द्वारा किए जा रहे हैं इस आंदोलन को कोई देखे या ना देखे इससे कोई अंतर नहीं पड़ता स्वास्थ्य व्यवस्था किसी विधायक की गुलाम नहीं है उन्हें शब्दों का इस्तेमाल सोच समझ कर करना चाहिए नहीं तो इस प्रकार की स्थिति उनके साथ भी निर्माण हो सकती है। भारत यह लोकतंत्र देश है जिसमें कोई भी नागरिक विधायक, सांसद ,मंत्री या सरकार का गुलाम नहीं है। उपरोक्त विधायक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए इसलिए सभी ने इसके लिए प्रयास करना चाहिए नहीं तो मेरा यह छत्रि आंदोलन सिस्टम पर एक तमाचा समझना चाहिए। लोग क्या समझते हैं इससे कोई अंतर नहीं पड़ता लेकिन गलत बात का विरोध करना यह हमारा स्वाभिमान है।

 

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