बुलंद गोंदिया। कोरोना संक्रमण के चलते राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा निर्णय लेकर 18 से 44 आयु वर्ग के सभी नागरिकों को निशुल्क टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। लेकिन गोंदिया जिले के स्वास्थ्य अधिकारीयों जिप गोंदिया द्वारा 30 अप्रैल को लिए गए निर्णय में आदिवासी बहुसंख्यक क्षेत्र आमगांव- देवरी विधानसभा क्षेत्र के तीनों तहसीलों में एक भी केंद्र शुरू नहीं किया गया है। जिससे आदिवासी नागरिकों पर अन्याय होने का आरोप पूर्व विधायक संजय पुराम द्वारा लगाते हुए इसकी शिकायत जिलाधिकारी गोंदिया से की है।
गौरतलब है कि पूरे देश के साथ साथ महाराष्ट्र में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिस से बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का केंद्र व राज्य सरकार द्वारा निर्णय लेकर 18से44 आयु वर्ग के नागरिकों के लिए भी 1 मई से टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसके अंतर्गत सभी जिलों में रूपरेखा तैयार कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण कार्य शुरू किया गया है। परंतु इस रूपरेखा के अंतर्गत गोंदिया जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा 30 अप्रैल 2021 के पत्र में आमगांव- देवरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आमगांव, सालेकसा व देवरी इन तीनों तहसीलों में एक भी टीकाकरण सेंटर शुरू नहीं किया गया है। विशेष यह है कि उपरोक्त क्षेत्र आदिवासी दुर्गम क्षेत्र तथा आदिवासी नागरिकों की संख्या अधिक है। लेकिन अधिकारियों द्वारा इस और अन्याय करते हुए टीकाकरण केंद्र नहीं दिया गया है। उपरोक्त क्षेत्रों को छोड़कर गोंदिया तहसील मैं कुडवा ,खमारी ,सड़क अर्जुनी, मोरगांव अर्जुनी व तिरोड़ा ऐसे पांच टीकाकरण केंद्र ही शुरू किए गए हैं। टीकाकरण की पूर्व तैयारी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन जागृति कर आदिवासी समाज के नागरिकों को टीकाकरण के लाभ बताकर उपरोक्त विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तीनों तहसीलों में केंद्र शुरू करने की मांग की है। तथा स्वास्थ्य विभाग के इस अन्याय के खिलाफ पूर्व विधायक संजय पुराम जिलाधिकारी से मोबाइल पर संपर्क कर आदिवासी क्षेत्र के नागरिकों के साथ हो रहे अन्याय की जानकारी दी तथा जल्द से जल्द केंद्र शुरू करने के संदर्भ में चर्चा कर इसकी मांग की है।
टीकाकरण के लिए आदिवासी दुर्गम क्षेत्र की अनदेखी 18 से 44 आयु वर्ग के लिए एक भी केंद्र नहीं -संजय पुराम





