टास्क फोर्स के द्वारा कोरोना उपचार पर डॉक्टरों ने किया मार्गदर्शन व शंकाओं का निवारण मुख्यमंत्री ठाकरे की अभिनव संकल्पना
मुंबई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अभिनव संकल्पना के अंतर्गत एक वैशिष्ठ पूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कोरोना पर मार्गदर्शन कर उन का निवारण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरा डॉक्टर बनकर मैदान में उतरे, कोरोना के तीसरे चरण के दौरान फैमिली डॉक्टर की बड़ी जवाबदारी होंगी। इस अभियान के अंतर्गत मुंबई के 1000 डॉक्टरों ने संवाद साधा
मुख्यमंत्री द्वारा चिकित्सकों से किए गए इस तंत्रज्ञान के माध्यम से संवाद साधने पर चिकित्सा के क्षेत्र में स्वागत किया जा रहा है। जल्द ही इसी पद्धति से राज्य के अन्य विभागों के चिकित्सकों से भी संवाद साधा जाएगा। मेरा डॉक्टर बन सभी डॉक्टर उतरे रास्ते पर इस सभा के शुरुआत में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा कोरोना के दौरान वैद्यकिय क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉक्टरों की सराहना की तथा आव्हान किया कि तीसरे चरण का मुकाबला करने के लिए अभी से ही तैयार रहें। कोरोना काल के दौरान फैमिली डॉक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है क्योंकि किसी भी प्रकार की छोटी बड़ी बीमारी में मरीज सबसे पहले अपने परिवारिक डॉक्टर से ही संपर्क करता है। जिससे उनकी जवाबदारी महत्वपूर्ण है। सर्वसामान्य मैं आप मेरा डॉक्टर बनकर मार्गदर्शन करें जिससे बीमारी के शुरुआती चरण में ही उसे रोकने में काफी मदद होती है।
घर में उपचार के दौरान मरीजों पर ध्यान दें
कोरोना लक्षण दिखाई नहीं देने पर मरीज चिकित्सालय में जाता है। वह आवश्यकता ना होने पर भी उन्हें बेड उपलब्ध किए जाते हैं। जिसके चलते जरूरतमंद मरीज को सुविधा मिल नहीं पाती उसी प्रकार संक्रमित मरीज देरी से चिकित्सालय में जाने पर उसके उचित उपचार में देरी होती है। जिसके चलते फैमिली डॉक्टर सावधानी से जांच कर कोरोनावायरस के लक्षण के अनुसार तत्काल उनका उपचार किए जाने पर मरीज जल्द ही स्वस्थ होगा ऐसा बोलकर मुख्यमंत्री ने कहा कि घर में अलगीकरण मरीजों को सभी डॉक्टर ध्यान दें तथा उनकी पूछताछ करना समय की आवश्यकता है जिससे उन्हें मानसिक बल भी मिलता है। इस दौरान उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर चिकित्सालय में दाखिल करना आवश्यक होता है इसके लिए सभी निजी चिकित्सक घर में उपचार करने वाले मरीजों को प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार मिल रहा है कि नहीं इस और विशेष ध्यान दें तथा इसकी जानकारी वार्ड अधिकारियों को दें जानकारी समय-समय पर आगे की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जाएंगी।
कोरोना सेंटरों में भी दे सेवा निजी चिकित्सक
परिसर के कोविड-19 अथवा जंबो केंद्रों में भी अपनी सेवा प्रदान करें क्योंकि आज उनकी आवश्यकता है जिसे ध्यान में रखते हुए सभी निजी चिकित्सक उन सेंटरों में अपने नाम पंजीयन करवाएं ऐसा आवाहन मुख्यमंत्री ने किया है। आज राज्यों में सभी और उपचार पद्धति एक समान होना महत्वपूर्ण है। राज्य में 1270 मेट्रिक टन ऑक्सीजन का निर्माण होता है। लेकिन कोविड के चलते वर्तमान स्थिति में 1700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता हो रही है। ऑक्सीजन के संदर्भ में जल्द ही स्वयं पूर्ण बनाने वह भविष्य में कमी ना होने का रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिसके चलते जल्द ही राज्य में बड़ी हुई मांग के अनुसार ऑक्सीजन का निर्माण संभव होगा।
टास्क फोर्स ने किया शंकाओं का निवारण
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ प्रदीप व्यास डॉ संजय ओक डॉ शशांक जोशी डॉ राहुल पंडित तथा डॉ तात्या लहाने ने कोरोना काल के दौरान उपचार पद्धति पर मार्गदर्शन कर उनका शंकाओं का निवारण किया जिसमें स्टीराॅइडस का कितने प्रमाण में उपयोग करना, 6 मिनट वॉक टेस्ट का महत्व, ऑक्सीजन की आवश्यकता उसे कैसे पहचाने, बुर्शी के कारण होने वाली म्यूकर मायकाॅसिस मैं क्या उपचार करना, ऑक्सीजन लेवल धोकादायक है यह स्थिति क्या, रेमडेसीविर कब और कितना उपयोग करना, वेंटिलेटर की मरीज को आवश्यकता, डायबिटीज को स्थिर रखना, कोरोना होने पर कितने समय की देखभाल, कॉविड होने पर मरीज ने कब टीका लिया इस पर मार्गदर्शन व शंकाओ का निवारण आरटीपीसीआर की जांच का महत्व,सीटी स्कैन की कितनी आवश्यकता इस पर भी सभा में मार्गदर्शन किया गया।
छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दें
कोरोना संक्रमण के तीसरे चरण के दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान देने के लिए राज्य में बाल रोग विशेषज्ञों का एक टास्क फोर्स निर्माण किया गया है ।तथा इस विषय पर भी सभा में जानकारी दी गई इस दौरान छोटे बच्चों मैं होने वाले मौसम के बदलाव तथा उन्हें होने वाली सर्दी, बुखार, डायरिया व दूध तथा अनाज खाना कम करने अथवा बंद करने ऐसी लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसकी भी जानकारी दी गई निजी चिकित्सकों का उत्साह पूर्ण प्रतिसाद दूसरे चरण का मुकाबला कर रहे तथा तीसरे संभावित चरण का नियोजन कर निजी चिकित्सकों पर विश्वास रख उन्हें बड़े प्रमाण में सहभागी करने पर आज की सभा में अनेक डॉक्टरों ने समाधान व्यक्त किया तथा टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों से बोलने का अवसर मिला वह शंकाओं का निवारण तथा उपचार करने अधिक जानकारी प्राप्त होने से उनमें आत्मविश्वास बड़ा है ।ऐसा अनेक डॉक्टरों ने कहा साथ ही अनेक डॉक्टरों ने ऑनलाइन सभा शुरू रहने के दौरान ही इस लड़ाई में काम करने की इच्छा व्यक्त की तथा कुछ ने विचार व्यक्त किया कि इसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक डॉक्टरों को भी शामिल किया जाए।
मेरा डॉक्टर बनकर उतरे मैदान में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवाहन पर डॉक्टरों ने दिया प्रतिसाद निजी चिकित्सकों से ऑनलाइन किया संवाद





