न.प बाजार विभाग प्रमुख मिश्रा की गुंडागर्दी, लेखापरीक्षक के साथ गालीगलौज कर की हाथापाई शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज

बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद के बाजार विभाग प्रमुख मुकेश मिश्रा द्वारा नगर परिषद कार्यालय में 10 मार्च की दोपहर गुंडागर्दी करते हुए लेखा परीक्षक अतुल बद्दलवार के साथ विवाद करते हुए अपने एक सहयोगी के साथ गाली गलौज करते हुए हाथापाई की उपरोक्त मामले में फरियादी द्वारा शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लेखा परीक्षक अतुल बद्दलवार अपने कार्यालय में उपस्थित थे इसी दौरान 3:30 बजे के करीब बाजार विभाग प्रमुख मुकेश मिश्रा उनके कार्यालय में पहुंचकर अपने टि.ए बिल मंजूर कराने के लिए दबाव बनाया जिस पर लेखा परीक्षक द्वारा मुख्य अधिकारी से चर्चा करने की बात कही जाने पर आक्रोशित होकर मुकेश मिश्रा द्वारा अपने एक अन्य सहयोगी ठेकेदारी पद्धति पर कार्यरत कर्मचारी अजय मिश्रा को फोन कर बुलाकर बद्दलवार के साथ गाली गलौज कर हाथापाई की करते हुए देख लेने की धमकी दी। विशेष यह है कि मिश्रा कुछ दिनों पूर्व शासकीय कार्य से 5 से 6 बार निजी वाहन से नागपुर गए थे जबकि उन्हें शासन के नियमानुसार निजी वाहन की सुविधा प्राप्त नहीं है इसके बावजूद अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी वाहन से नागपुर गए थे जिसके टीए बिल को मंजूर करवाने के लिए दबाव बनाते हुए गुंडागर्दी की एक वरिष्ठ कर्मचारी द्वारा अपने ही सहयोगी कर्मचारी के साथ हाथापाई किए जाने के चलते न.प के सभी कर्मचारियों द्वारा विरोध कर फरियादी के साथ शहर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तथा उपस्थित कर्मचारियों द्वारा बताया गया है कि नगर परिषद में चल रही इस गुंडागर्दी का विरोध करने के लिए 12 मार्च को काम बंद आंदोलन करेंगे। इस संदर्भ में जब मुख्य अधिकारी करण चौहान से उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन बंद होने से संपर्क नहीं हो पाया जिससे इस मामले की अधिक जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई।
उल्लेखनीय है कि बाजार विभाग प्रमुख के पद पर रहते हुए मुकेश मिश्रा की कार्यप्रणाली हमेशा से ही विवादास्पद रही है। चाहे नगर परिषद के मालकियत की दुकानों को पैसा लेकर संबंधित किराएदार को नए सिरे से दुकान बनाने का मामला हो या बाजार बैठकी की वसूली का मामला हो हमेशा से ही उनकी कार्यप्रणाली संदेहास्पद व विवादास्पद रही है। उनके इस कार्यप्रणाली के चलते जब भी बाजार विभाग प्रमुख के पद से हटाया जाता है तो अपनी तिकड़म बाजी के चलते वह फिर से इस कमाई वाले विभाग में आसीन हो जाते हैं। लेकिन अब इस बार अपने सहयोगी कर्मचारी के साथ की गई गुंडागर्दी के चलते उन्हें पद से हटाया जाएगा या नहीं या क्या कार्रवाई की जाएगी इस पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है।

Share Post: